56 घंटे बाद पीड़ित परिवारों से मिले आप नेता संजय सिंह, आशीष की गिरफ्तारी ना होने पर उठाया सवाल

56 घंटे बाद पीड़ित परिवारों से मिले आप नेता संजय सिंह, आशीष की गिरफ्तारी ना होने पर उठाया सवाल

लखनऊ, 7 अक्टूबर: 56 घंटे हिरासत में रखने के बाद आखिरकार योगी सरकार बैकफुट पर आई और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह को लखीमपुर खीरी कांड में मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने की अनुमति दी। इसके बाद संजय सिंह की अगुवाई में आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विधायक राघव चड्ढा, पंजाब के नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा, यूपी प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह आदि नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी पहुंचा और इस दुखद घटना में शहीद हुए किसान नछत्तर सिंह के परिवार से मुलाकात की।

Lakhimpur Kheri: a team of aap leaders met the victims family under the leadership of mp sanjay singh

आप नेताओं ने पीड़ित परिवार की बात पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से कराई तो उन्होंने पीड़ित परिवारों की इंसाफ की लड़ाई में हर कदम पर साथ देने का भरोसा दिया और दिवंगत किसानों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की। आप नेताओं के प्रतिनिधिमंडल इसके बाद अन्य शहीद किसानों के परिवार से मिलने जाएगा। इस मौके पर मीडिया से मुखातिब राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर यह फैसला लेने में योगी सरकार को 56 घंटे क्यों लगे, क्या योगीराज में किसानों की मौत के बाद उनके परिवार से मिलकर शोक संवेदना जताना भी अपराध हो गया है?

सांसद संजय सिंह ने मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के आरोपित बेटे आशीष मिश्र मोनू पर 302 का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अब तक उसकी गिरफ्तारी ना होने पर सवाल उठाया। कहा कि आम आदमी पर 302 का मुकदमा दर्ज होता है तो योगी की पुलिस तत्काल उसे जेल में भेज देती है मगर मंत्री, उसके बेटे और उसके गुर्गों पर अब तक योगी की पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की है। संजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि आरोपित मंत्री का बेटा जाने के बाद दोबारा पीछे से गाड़ी लेकर आता है और किसानों को रौंद कर भागने लगता है। ऐसे गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी न होना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

संजय सिंह ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से अजय मिश्र टेनी की अब तक बर्खास्तगी ना होने पर दुख जताया और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें पद से हटाने की मांग की। बोले- तीनों काले कृषि कानून किसानों के लिए डेथ वारंट बन चुके हैं। इसके चलते अब तक करीब 700 किसानों को अपनी शहादत देनी पड़ी है। ऐसे में केंद्र सरकार को तत्कालीन काले कानूनों को वापस लेना चाहिए। आम आदमी पार्टी किसानों की इस लड़ाई में पहले दिन से ही साथ है और अंत तक उनके साथ खड़ी रहेगी। लखीमपुर खीरी में कीड़े मकोड़ों की तरह गाड़ी से कुचल कर किसानों की हत्या करने वालों को जेल भिजवा कर ही हम चैन की सांस लेंगे।

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