केटीआर ने दुबई जेल में बंद पांच श्रमिकों की दया याचिका को मंजूरी देने की यूएई सरकार से की गुजारिश

तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने संयुक्त अरब अमीरात सरकार से तेलंगाना के पांच श्रमिकों की दया याचिका पर विचार कर उस पर मंजूरी देने की गुजारिश की है। तेलंगाना के ये पांच श्रमिक हत्या के एक मामले में दुबई की जेल में बंद हैं। ऑफिसियल ट्रिप पर दुबई पहुंचे केटी रामाराव ने तेलंगाना के इन पांच श्रमिकों को जल्द से जल्द वापस लाने के प्रयासों के तहत बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की।

KT Rama Rao

केटीआर ने दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूत मामले के संयुक्त अरब अमीरात के एडवोकेट और अन्य सरकारी अधिकारियों से मामले की स्थिति के बारे में पूछताछ करने के लिए बात की और दया याचिका को मंजूरी देने का आग्रह किया।

पांच श्रमिकों पर जानें क्‍या है आरोप

बता दें तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले के मूल निवाासी शिवरात्रि मल्लेश, शिवरात्रि रवि, गोलेम नामपल्ली, डुंडुगुला लक्ष्मण और शिवरात्रि हनमंथु दुबई की अवीर जेल में बंद हैं, ये नेपाली की मौत के मामले में अब तक 15 साल की सजा पूरी कर चुके हैं।

मृ‍तक के परिवार से भी मिले थे केटीआर

केटीआर ने पहले पर्सनली नेपाल जाकर मृतक के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी और शरिया कानून के अनुसार मुआवजे या 'दीया' (रक्त धन) के रूप में 15 लाख रुपये सौंपे थे। बाद में पीड़ित परिवार ने दया याचिका के दस्तावेज यूएई सरकार को सौंपे।

केटीआर छह महीने से श्रमिकों को छुड़ाने का कर रहे हैं प्रयास

हालां‍कि कुछ कारणों और अपराध की गंभीरता के कारण, यूएई सरकार ने दया याचिका को मंजूरी नहीं दी। छह माह से केटीआर तेलंगाना के इन श्रमिकों को छुड़वाने के प्रयास में लगे हुए हैं। एक बार फिर अब दुबई यात्रा के दौरान केटीआर ने इन पांच मजदूरों की दया याचिका को मंजूरी देने का यूएई सरकार से अनुरोध किया। इस आधार पर क्‍योंकि पांचों दोषी पहले ही 15 साल की सजा काट चुके हैं और उनके पास जेल अधिकारियों से अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र भी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+