गुरुग्राम में HSIIDC की जमीन से संबंधित आखिरी जनहित याचिका हाईकोर्ट में खारिज
यह गुरुग्राम में बनने वाली ग्लोबल सिटी सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। ग्लोबल सिटी को लेकर 900 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर पहले ही हो चुके हैं।

गुरुग्राम में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की जमीन पर ग्लोबल सिटी बनने का रास्ता साफ हो गया है। HSIIDC की 1,080 एकड़ जमीन से संबंधित ग्राम पंचायत गरौली खुर्द द्वारा लगाई गई आखिरी जनहित याचिका को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। न्यायालय के इस निर्णय ने HSIIDC की 1,003 एकड़ भूमि पर स्थापित की जा रही ग्लोबल सिटी परियोजना में भूमि पार्सल की ई-नीलामी के लिए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब परियोजना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों को बढ़ाने में आसानी होगी।
गुरुग्राम में बनने वाली ग्लोबल सिटी सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। ग्लोबल सिटी को लेकर 900 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर पहले ही हो चुके हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी जगह का दौरा कर चुके हैं। उनका कहना है कि ग्लोबल सिटी हरियाणा के विकास में मिल का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने गुरुग्राम को ग्लोबल मैप पर आइकन सिटी बताते हुए कहा कि यहां पर दुनिया की 500 फॉरचून कंपनियों में से 400 कंपनियों के कार्यालय हैं और यह अब अंतर्राष्ट्रीय शहर हो गया है। उन्होंने ये भी कहा कि गुरुग्राम तथा नूंह जिलों में अरावली पर्वत श्रृंखला में लगभग 10 हजार एकड़ में विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी भी विकसित होगी, जहां पर जंगली जानवरों को रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम जिला के गांव खांडसा, नरसिंहपुर, मोहम्मदपुर झारसा, गरौली खुर्द और गढ़ी हरसरू में HSIIDC की 1,003 एकड़ भूमि का उपयोग ग्लोबल सिटी के मेगा प्रोजेक्ट के विकास के लिए किया जा रहा है। ग्लोबल सिटी में HSIIDC डेवलपर है। HSIIDC द्वारा सड़क, पानी व अन्य व्यवस्था मुहैया करवाई जाएगी। प्लॉट पर निर्माण निवेश करने वाली कंपनियों द्वारा ही किया जाना है। ग्लोबल सिटी में मिक्स लैंड के फॉर्मेट पर प्लॉट्स की ऑक्शन की जाएगी।












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