पंचायत चुनाव को लेकर जजपा ने बीजेपी के पाले में फेंकी गेंद
चंड़ीगढ़। हरियाणा में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी दांवपेंच तेज हो गई है। सत्ता में बीजेपी के साथ साझेदारी की सरकार चला रही जजपा ने अब पंचायत चुनाव में गठबंधन को लेकर गेंद बीजेपी के पाले में डाल दी है। जजपा चाहती है कि वो पंचायत चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़े, लेकिन अगर भाजपा इससे इंकार करती है तो समीकरण बिगड़ सकते हैं। जजपा को भाजपा के फैसले का इंतजार है। दरअसल ये स्थिति इसलिए बन रही है कि इससे पहले निकाय चुनावों में भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था, लेकिन पिर बाद में दोनों पार्टियों ने एक साथ चुनाव लड़ा। अब ऐसी स्थिति पंचायत चुनाव में न हो, इसलिए जजपा ने भाजपा पर फैसला छोड़ दिया है।

दोनों ही पार्टियां अलग-अलग रणनीति बनाकर पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन जजपा ने कहा है कि उसकी कोशिश भाजपा के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ने की है। यदि भाजपा ने इससे इन्कार किया तो वह अकेले चुनाव लड़ेगी। जजपा सिर्फ जिला परिषद के चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ने का विचार कर रही है। पंचायत समिति, पंच और सरपंच के चुनाव जजपा की ओर से सिंबल पर नहीं लड़े जाएंगे। इसका लगभग फैसला हो चुका है, जिस पर मुहर लगनी बाकी है।
जजपा की ओर से अपने समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे। भाजपा भी सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन वह भी पंचायत समिति, पंच और सरपंच के चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ेगी। भाजपा की रणनीति जिला परिषद के चुनाव ही सिंबल पर लड़ने की है। भाजपा व जजपा यदि मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो इस बात का फैसला करने में परेशानी आ सकती है कि किन जिला परिषदों में कौन सी पार्टी के उम्मीदवार होंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने पार्टी के प्रमुख नेताओं से पंचायत चुनाव को लेकर रिपोर्ट मांग रखी है। उस रिपोर्ट के आ जाने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसी तरह, जजपा संरक्षक एवं उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रमुख नेताओं की ड्यूटी फीडबैक के लिए लगा रखी है, जिसके आधार पर इसी सप्ताह होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाना है।












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