हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सरपंच का मानदेय 2 हजार से बढ़ाकर किया 5000
हरियाणा में सरपंच का मानदेय 2 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 5 हज़ार रुपए किया जाएगा वहीं पंच के मानदेय को एक हज़ार से बढ़ाकर 1600 रुपए किया जाएगा। ग्राम सचिव की ACR में सरपंच की राय शामिल की जाएगी।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने सरपंचों को बढ़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि सरपंच का मानदेय 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये किया जाएगा।
अप्रैल से बढ़ेगा सरपंचों का मानदेय
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, सरपंच का मानदेय 2 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 5 जार रुपये किया जाएगा। वहीं पंच के मानदेय को एक हजार से बढ़ाकर 1600 रुपये किया जाएगा। ग्राम सचिव की ACR में सरपंच की राय शामिल की जाएगी। उन्होंने बताया, हरियाणा के सरपंचों को बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल से दिया जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ग्राम विकास के कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए हमने ई-टेंडरिंग की जो व्यवस्था शुरू की है, उससे ग्रामीण लोग और किसान बेहद खुश हैं। यह हरियाणा के ग्राम विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता आयी गयी
अभी तक 6,217 पंचायतों में से 5,048 पंचायतों ने कामों के प्रस्ताव डालें हैं। 1,169 पंचायतों ने किसी भी काम का प्रस्ताव नहीं डाला है, कुल 9,418 कामों के लिए प्रस्ताव आए हैं। मैंने पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता लाकर केवल जनता के प्रति जनता के प्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित की है। अधिकांश सरपंच भी इस पारदर्शी व्यवस्था पर सहमत हो गए हैं।
इसके अलावा पंचायतें 25 लाख तक के काम कोटेशन के आधार पर या छोटी पंचायत होने पर बजट का 50 फीसदी खर्च कर सकेंगी, लेकिन हर काम का ऑनलाइन ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों के साथ सोशल ऑडिट सिस्टम बनाया जाएगा। सरपंच ग्राम सचिव की एसीआर पर टिप्पणी कर पाएंगे।
सीएम में कहा कि HSR और DC Rate के बीच समन्वय बनाया जाएगा। HSR Rate जिला स्तर पर बनाकर नोटिफाई किया जाएगा। बिजली कर (TAX) का 2 फीसदी पंचायतों को एरियर के साथ और स्टांप ड्यूटी का 2 फीसदी उन्हें दिया जाएगा। अब तक 6217 पंचायतों में से 5048 के प्रस्ताव आए। लगभग 9418 के करीब प्रस्ताव आए, जिनमें से 1044 के टेंडर अभी तक अपलोड हुए.
विकास के लिए 1100 करोड़ रुपये अलॉट
मनोहर लाल ने कहा कि ग्राम स्तर तक विकास के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पारदर्शिता लाने के सीओ जिला परिषद की नियुक्ति की गई। साथ ही अंतर जिला परिषद समन्वय बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जबसे नई पंचायतों का चुनाव हुआ है। एक तिमाही के लिए 1100 करोड़ रुपये अलॉट किए गए। जिला परिषद को 110, ग्राम पंचायत के लिए 165 करोड़, पंचायतों के लिए 850 करोड़ रुपये अलॉट किए।
हर जिले में बनेगा जिला परिषद का सचिवालय
सीएम में कहा कि हर जिले में जिला परिषद के सचिवालय बनाने का फैसला सरकार ने किया है। काम की क्वालिटी तय करने के लिए इंजीनियरिंग विंग की स्थापना की है। जनता के काम में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का सहारा लिया। ई-टेंडरिंग के जरिये काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कथन को याद करते हुए कहा, पहले के प्रधानमंत्री कहते थे कि 1 रुपया भेजा जाता है तो 15 पैसे पहुंचते हैं, लेकिन अब 1 रुपया भेजने पर 1 रुपया ही आगे पहुंचता है।












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