हरियाणा: सीएम खट्टर बोले, पीपीपी परेशानी पत्र नहीं, प्रोटेक्शन ऑफ पुअर पीपल है

सीएम खट्टर ने कहा कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2006 से लेकर 2014 तक कुल 9 भर्तियों को हाईकोर्ट की तरफ से खारिज किया गया, क्योंकि उनमें भ्रष्टाचार लिप्त था।

Haryana CM Khattar says PPP is not a trouble letter, it is protection of poor people

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस द्वारा परिवार पहचान पत्र के मुद्दे को लेकर किए जा रहे कटाक्ष पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष जिसे परिवार परेशानी पत्र बता रहा है, वह सही मायने में प्रोटक्शन ऑफ पुअर पीपल है। बुधवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सीएम मनोहर लाल ने विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देते हुए पूर्व सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा नौकरियों के मामले में सरकार पर सवाल उठाए जाने को लेकर सीएम मनोहर लाल ने बताया कि हुड्डा सरकार के 10 साल के कार्यकाल में कुल 80 हजार युवाअें को सरकारी नौकरियां दी गई थी। उनके अब तक के कार्यकाल में एक लाख दो हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। आने वाले छह माह के भीतर 60 हजार नए रोजगार दिए जाएंगे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि अगर इस आंकड़े में एचकेआरएम को भी जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा दो लाख से पार हो जाएगा।

सीएम ने कहा कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2006 से लेकर 2014 तक कुल 9 भर्तियों को हाईकोर्ट की तरफ से खारिज किया गया, क्योंकि उनमें भ्रष्टाचार लिप्त था।

वित्तीय व्यवस्था ठीक, नहीं आएगा श्वेत पत्र

हुड्डा की आर्थिक स्थिति पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग को खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि श्वेत पत्र की मांग करने से पहले प्रदेश की वास्तविक स्थिति को जान लें तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वित्तीय हालात पूरी तरह से ठीक है। सरकार का बजट पत्र ही श्वेत पत्र है। बेहतर होगा हुड्डा वित्तीय व्यवस्था की जानकारी हासिल करने के लिए बजट पत्र को पढ़ लें।

हुड्डा ने तीन साल में केवल दो बार खोला ग्राम दर्शन पोर्टल

हरियाणा की वर्तमान सरकार को पोर्टल सरकार की संज्ञा दे चुके नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि डिजिटल भारत व डिजिटल हरियाणा मौजूदा समय की मांग है। कुछ लोग ऑफलाइन काम करके अपनी दुकान चलाते रहे हैं, लेकिन वर्तमान सरकार ने व्यवस्था को ऑनलाइन करके उनकी दुकान बंद करवा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गांवों की समस्याओं को ऑनलाइन बताने के लिए ग्राम दर्शन पोर्टल शुरू की गई थी। इस पोर्टल का एक्सेस सभी विधायकों को दिया गया है, ताकि वह अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को इस पर अपलोड कर सकें और विभागीय अधिकारियों के माध्यम से उस पर कार्रवाई हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई विधायक तो इस पोर्टल को 17 से 20 बार खोल चुके हैं लेकिन नेता प्रतिपक्ष द्वारा इसे तीन साल में केवल दो बार खोला गया है।

कांग्रेस को 3100 दिनों तक सत्ता से बाहर रखा, इसलिए परेशान

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नवंबर 1966 को हरियाणा बनने से लेकर आजतक किसी भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को 3100 दिनों तक सत्ता से बाहर नहीं रखा है। कांग्रेस के नेता इसी टीस के कारण सरकार की योजनाओं को गलत ठहराने का प्रयास कर रहे हैं जबकि जनता सच्चाई जान चुकी है। विपक्ष द्वारा पेंशन के मुद्दे पर सरकार को घेरे जाने को लेकर सीएम ने साफ किया कि विपक्ष द्वारा पेंशन को लेकर गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2014 तक प्रदेश में 21.82 लाख लोगों को पेंशन मिलती थी, वर्तमान में 30.78 लाख लोग पेंशन ले रहे हैं। पूर्व सरकार के समय में पेंशन का बजट 2618 करोड़ का था जो आज बढ़कर 10 हजार 157 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

माफिया अतीक अहमद और उसकी पत्नी के अलावा परिवार के दूसरे सदस्यों का गुरुग्राम कनेक्शन भी होने की सूचना मिली है। बताते हैं कि यूपी में मारे गए अतीक अहमद और उसके परिवार की कई कंपनियां गुरुग्राम हैं और इनमें करोड़ों रुपये का निवेश हुआ। हालांकि यूपी की स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने अभी तक हरियाणा पुलिस के साथ इस तरह की जानकारी को साझा नहीं किया है।

बुधवार को यहां मीडिया से रूबरू हुए सीएम ने कहा कि अतीक की संपत्तियों व कारोबार के बारे में हमारे पास कोई अधिकृत सूचना नहीं है। यदि कोई जांच एजेंसी ऐसी किसी सूचना या डाटा को हमारे साथ साझा करेगी अथवा इन कंपनियों के बारे में कोई शिकायत करेगा तो उस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी राज्य में प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त व कारोबार करने का अधिकार है, लेकिन अगर कोई गलत काम करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई के तमाम रास्ते खुले हैं।

घाटे की भरपाई होते ही हटेगा फ्यूल सरचार्ज

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं पर पहली अप्रैल से लगाया गया 47 पैसे प्रति यूनिट का ईंधन अधिभार समायोजन (एफएसए) स्थाई नहीं है। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बिजली कंपनियों को पिछले साल महंगा विदेशी कोयला खरीदने से हुआ घाटा पूरा होगा तो फ्यूल सरचार्ज हटा दिया जाएगा। 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों से एफएसए नहीं लिया जाएगा। बिजली के दामों में की बढ़ोतरी को अडाणी पावर लिमिटेड के साथ चल रहे विवाद से जोड़ने पर सीएम ने कहा कि इसका अडाणी के साथ कोई लेना-देना नहीं है। बिजली बिल में फ्यूल सरचार्ज कोयला के रेट को देखकर लगाए जाते हैं।

हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा यह दरें निर्धारित की जाती हैं। जब कोयले का दाम या परिवहन महंगा होता है तब एचईआरसी द्वारा फ्यूल सरचार्ज लगाकर इसकी भरपाई की जाती है। बिजली विभाग के प्रधान सचिव रह चुके सीएम के प्रधान सचिव वी़ उमाशंकर ने कहा कि पहले निजी बिजली उप्तादक कंपनी से 2.92 रुपये प्रति यूनिट खरीदने का समझौता हुआ था। पिछले साल रूस और यूक्रेन की लड़ाई के चलते विदेशी कोयले की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गईं।

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