NEET-UG Retest 2026: पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस! 21 जून तक गुप्त ठिकाने पर रहेंगे नीट का पेपर बनाने वाले अधिकारी
NEET-UG Retest 2026: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून को होने वाली री-टेस्ट परीक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन से जुड़े सभी विशेषज्ञों को एक सुरक्षित और गुप्त स्थान पर रखा गया है, जहां वे परीक्षा समाप्त होने तक बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह कटे रहेंगे।
शिक्षा मंत्रालय और NTA का दावा है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण को इतना सुरक्षित बनाया गया है कि किसी भी प्रकार का पेपर लीक होना लगभग असंभव होगा।

21 जून को होगी NEET-UG री-टेस्ट, 22 लाख छात्र देंगे परीक्षा
NEET-UG 2026 की री-टेस्ट परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित होगी। री-नीट में 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना है। यह देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। पिछले महीने परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता देखी गई थी। ऐसे में सरकार और NTA पर परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने का दबाव भी काफी बढ़ गया है।
'लॉकडॉउन' में हैं पेपर बनाने वाले अधिकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सबसे बड़ा और कड़ा कदम क्वेश्चन पेपर तैयार करने वाले स्टाफ को लेकर उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रश्नपत्र सेट करने, उसकी मॉडरेशन (समीक्षा) करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद (Translation) करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया है।
पेपर तैयार करने वाली पूरी टीम को एक सुरक्षित और गुप्त स्थान (Undisclosed Location) पर ले जाकर पूरी तरह आइसोलेट कर दिया गया है। इस सुरक्षित परिसर के भीतर मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और अन्य सभी निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इंटरनेट के उपयोग और बाहरी दुनिया से संपर्क पर सख्त पाबंदी है।
इस सीक्रेट फैसिलिटी में अधिकृत कर्मियों के अलावा किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। परिसर की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है और हर एक हरकत का लिखित रिकॉर्ड रखा जा रहा है। यह आइसोलेशन 21 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद ही खत्म होगा।
शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश,हर चरण पर सुरक्षा का घेरा
News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पिछली परीक्षा में सामने आई सुरक्षा खामियों को पूरी तरह दूर किया जाए। उन्होंने कहा है कि री-टेस्ट की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित होनी चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम किया जा सके।
NTA के अधिकारियों के अनुसार इस बार केवल प्रश्नपत्र तैयार करने तक ही सुरक्षा सीमित नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया को हाई-सिक्योरिटी मोड में रखा गया है। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है ताकि कोई एक व्यक्ति या समूह पूरे सिस्टम तक पहुंच न बना सके।
डिजिटल ट्रैकिंग और जीरो-ट्रस्ट सिस्टम
NTA ने इस बार डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, सुरक्षित परिवहन तकनीक और जीरो-ट्रस्ट वेरिफिकेशन मॉडल लागू किया है। इस प्रणाली के तहत-हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। प्रत्येक पैकेट की रीयल-टाइम निगरानी होगी। किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत अलर्ट जारी होगा। कई स्तरों पर सत्यापन प्रक्रिया लागू रहेगी। अधिकारियों का दावा है कि मौजूदा सुरक्षा ढांचे में किसी भी प्रकार की संगठित पेपर लीक की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
क्या था पूरा मामला?
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। विवाद बढ़ने के बाद 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और नई तारीख पर री-टेस्ट कराने की घोषणा की। अब 21 जून को होने वाली परीक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां, शिक्षा मंत्रालय और NTA पूरी तरह सतर्क हैं ताकि देश के लाखों छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की अनियमितता से प्रभावित न हो।














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