हरियाणाः पीजीआई रोहतक में 3 महीने में आएंगी 10 करोड़ की नई मशीनें

ईएंडटी विभाग में दिव्यांगता की जांच करके रिपोर्ट देने वाली मशीन खराब हो गई थी, ऐसे में दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वालों को मेवात मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था।

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आने वाले दिनों में पीजीआई में इलाज और भी बेहतर हाेगा। इसके लिए अलग-अलग विभागाें काे आधुनिक मशीनाें से लैस किया जा रहा है। इससे यहां इलाज के लिए आने वालाें काे और सुविधाएं मिलेंगे। नई मशीनों को लाने के लिए पीजीआई की ओर से प्रकृिया पूरी कर दी गई है। अब तीन माह के भीतर ये मशीनें अस्पताल को उपलब्ध करा दी जाएंगी।

ईएंडटी विभाग में दिव्यांगता की जांच करके रिपोर्ट देने वाली मशीन खराब हो गई थी। ऐसे में दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वालों को मेवात मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था। इस मशीन की कीमत करीब 8 करोड रुपए बताई गई है। अब सरकार की ओर से इसकी नई मशीन खरीदने की अनुमति मिल गई है।

इससे अब दिव्यांगों को जांच के लिए मेवात नहीं जाना होगा। वहीं ऑर्थो विभाग में मरीज का हड्डी का ऑपरेशन करने से पहले बॉन मिनरल डेन्सिटी टेस्ट करना जरुरी होता है। इसके लिए मौजूद डैक्सा मशीन खराब होने के कारण मरीजों के टेस्ट होने बंद हो गए थे। मरीजों के लिए बेहद जरुरी मानते हुए पीजीआई ने इस मशीन की खरीद के लिए प्रपोजल तैयार किया है।

जिसमें मशीन की अनुमानित कीमत 35-40 लाख रुपए रखी गई है। इस मशीन पर एक टेस्ट करने में 45 मिनट का समय लगता है। पहले दिनभर में 40-40 तक टेस्ट किए जाते रहे हैं। फिलहाल यह टेस्ट किए बगैर ही टेस्ट किए जाते रहे हैं। जिससे मरीज की हड्डी के कमजोर हिस्से पर इंप्लांट लगने का खतरा बना रहा है। लेकिन मशीन आने के बाद यह खतरा नहीं रहेगा।

आंखों की जांच करेगी ओसीटी मशीन
डायबिटीज के रोगियों को आंखों में परेशानी की शिकायतें बढ़ी हैं। जबकि पर्दे पर डायबिटीज का प्रभाव बताने वाली ओसीटी मशीन सालों पुरानी हो चुकी है। इसे संचालित करने में कई बार परेशानी भी होती है। इसलिए इसके स्थान पर नई ओसीटी मशीन लाई जा रही है। इसकी कीमत 30 लाख रुपए बताई गई है। यह मशीन पहली मशीन से एडवांस तकनीक की है। जिससे प्रतिदिन आने वाले 15-200 मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।

कॉर्निया का एंगल जांचेगी, पेंटाकॉम मशीन सकी कीमत 40 लाख रुपए
नेत्र विभाग में कॉर्निया का एंगल चेक करने के लिए पेंटाकॉम नामक मशीन की जरुरत है। क्योंकि कई बार एलर्जी के कारण कॉर्निया की शेव चेंज हो जाती है। लेकिन पीजीआई में यह मशीन उपलब्ध नहीं रही थी। जिससे डॉक्टर्स को भी इलाज करने में मुश्किलें आती रही हैं।

फिलहाल पीजीआई प्रशासन ने पेंटाकॉम नामक मशीन मंगाने के लिए प्रक्रिया को अंतिम रुप दे दिया है। इसकी कीमत 40 लाख रुपए निश्चित की गई है। इस मशीन के आने से रोजाना करीब 200 मरीजों को लाभ मिल पाएगा।

सुविधाएं बढ़ाने के लिए आधुनिक मशीनें लाई जा रही

पीजीआईएमएस में मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। मरीजों को सुविधाएं बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस मशीनें लाई जा रही हैं। यह जल्द आने वाली हैं और इनसे मरीजों को सुविधाएं मिलेंगी।

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