दिल्ली से सिलिगुड़ी का टिकट कितने का मिलेगा? जानिए यूपी-बिहार के किन स्टेशन पर रुकेगी नई बुलेट ट्रेन
Delhi to Siliguri Bullet Train: भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद अब दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी तक नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की तैयारी शुरू होने जा रही है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि यह हाईस्पीड रेल लाइन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को एक तेज रफ्तार नेटवर्क से जोड़ेगी। इस परियोजना के शुरू होने के बाद लाखों यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। खास बात यह है कि दिल्ली से सिलिगुड़ी तक का सफर, जो अभी सामान्य ट्रेनों से करीब 18 से 20 घंटे लेता है, वह कुछ घंटों में पूरा हो सकेगा।

दो हाईस्पीड कॉरिडोर को जोड़ेगी नई परियोजना
प्रस्तावित दिल्ली-सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। पहला हिस्सा दिल्ली से वाराणसी तक के हाईस्पीड रेल नेटवर्क का होगा, जबकि दूसरा हिस्सा वाराणसी, पटना और सिलिगुड़ी को जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा। यह कॉरिडोर उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच तेज संपर्क स्थापित करेगा।
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किन राज्यों को मिलेगा फायदा
नई बुलेट ट्रेन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कई बड़े शहरों को जोड़ेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, कारोबारियों, छात्रों और पर्यटकों को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा यह परियोजना उत्तर-पूर्व भारत के लिए भी एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक साबित हो सकती है।
इन शहरों से गुजर सकती है बुलेट ट्रेन
प्रस्तावित रूट के अनुसार ट्रेन निम्न प्रमुख स्टेशनों पर रुक सकती है:
- नई दिल्ली
- नोएडा (जेवर एयरपोर्ट)
- मथुरा
- आगरा
- इटावा
- लखनऊ
- प्रयागराज
- वाराणसी
- गाजीपुर
- पटना
- सिलिगुड़ी (न्यू जलपाईगुड़ी क्षेत्र के पास)
गुवाहाटी तक बढ़ सकता है नेटवर्क
रेल मंत्रालय भविष्य में इस हाईस्पीड नेटवर्क को पूर्वोत्तर भारत तक बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में सिलिगुड़ी से आगे असम के गुवाहाटी तक भी बुलेट ट्रेन सेवा का विस्तार किया जा सकता है।
20 घंटे की जगह सिर्फ 6 घंटे का सफर
दिल्ली से सिलिगुड़ी की दूरी लगभग 1500 किलोमीटर है। वर्तमान में राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों से यह सफर करीब 18 से 20 घंटे में पूरा होता है। प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनने के बाद यही यात्रा लगभग 6 घंटे में पूरी होने की संभावना है।
संभावित यात्रा समय:
- दिल्ली से वाराणसी: करीब 3 घंटे 50 मिनट
- Delhi से पटना: करीब 4 घंटे 20 मिनट
- वाराणसी से सिलिगुड़ी: करीब 2 घंटे 55 मिनट
- दिल्ली से सिलिगुड़ी: लगभग 6 घंटे
कितनी होगी ट्रेन की रफ्तार
प्रारंभिक योजना के अनुसार ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इससे यह देश की सबसे तेज रेल सेवाओं में शामिल होगी।
कितना हो सकता है किराया
अभी तक दिल्ली-सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन के किराए को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि मौजूदा बुलेट ट्रेन परियोजनाओं और हाईस्पीड रेल के अनुमानित मॉडल को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली से सिलिगुड़ी तक का किराया लगभग 4,500 रुपये से 7,500 रुपये के बीच हो सकता है।
वहीं दिल्ली से पटना का किराया करीब 3,000 से 5,000 रुपये और दिल्ली से वाराणसी का किराया 2,000 से 4,000 रुपये के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है। अंतिम किराया परियोजना पूरी होने और संचालन मॉडल तय होने के बाद ही घोषित किया जाएगा।
बंगाल में रेल परियोजनाओं पर बड़ा निवेश
कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन समेत कई रेल परियोजनाओं पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
यूपी और बिहार को मिलेगी बड़ी राहत
दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग देश के सबसे व्यस्त रेल रूटों में शामिल है। उत्तर प्रदेश और बिहार से बड़ी संख्या में यात्री इस रूट का उपयोग करते हैं। नई बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद पारंपरिक ट्रेनों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही दोनों राज्यों के बड़े शहरों को देश की राजधानी और पूर्वी भारत से तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
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