बोले सीएम गहलोत-'संत रविदास ने एकता और समता का संदेश दिया, उनको नमन'
गुरु रविदास ने रविदासिया धर्म की स्थापना की थी,उनके इकतालीस भक्ति गीत और कविताएं सिख ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।

आज गुरु रविदास का जन्मदिवस है, पूरे भारत में ये जंयती माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस खास मौके पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने संत रविदास को याद किया। उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि 'महान संत गुरु रविदास जी की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने जीवनपर्यंत मानव सेवा को लक्ष्य बनाए रखा, सामाजिक समानता, एकता और समता का संदेश दिया। हमें उनकी शिक्षाओं और मूल्यों को आत्मसात कर सभी की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए।'
तो वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता ने भी संत रविदास को नमन किया है, उन्होंने भी ट्वीट किया है कि 'अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक एकता और समरसता का संदेश देने वाले महान कवि, संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।'
आपको बता दें कि गुरु रविदास जयंती के दिन, भक्त नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं और कई अनुष्ठान करते हैं। गुरु रविदास जिन्हें रैदास, रोहिदास और रूहिदास के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 1377 ई. में वाराणसी, उत्तर प्रदेश के मांडुआधे में हुआ था. उनके भक्ति गीतों और छंदों ने भक्ति आंदोलन पर स्थायी प्रभाव डाला. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, गुरु रविदास का जन्म माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था. इसलिए, हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार माघ पूर्णिमा पर उनकी जयंती मनाई जाती है. हालांकि रविदास की सही जन्म तिथि पर विवाद है, जैसा कि कुछ विद्वानों का मानना है कि यह वर्ष 1399 था, जब गुरु रविदास का जन्म हुआ था.
रविदास ने रविदासिया धर्म की स्थापना की थी,मीराबाई उनकी शिष्या थीं. उनका जन्म स्थान अब श्री गुरु रविदास जन्म स्थान के रूप में जाना जाता है और यह गुरु रविदास के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थान है. उनके इकतालीस भक्ति गीत और कविताएं सिख ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।












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