गुना: निकाय चुनाव में सिंधिया के समर्थकों का दबदबा, विधायक के नाती भी 'फेल'
गुना, 28 जून। सिंधिया के गढ़ गुना में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में पहले चरण की मतगणना के बाद सामने आए रुझानों में जिला पंचायत के आठ ही वार्डों में भाजपा बढ़त बनाए हुए है। खास बात यह है कि भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव के नाती को जनता ने पूरी तरह नकार दिया है, क्योंकि रुझानों में वह चौथे नंबर पर नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर भाजयुमो जिलाध्यक्ष के भाई भी जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पीछे नजर आए, तो पूर्व विधायक देवेंद्रसिंह रघुवंशी के बेटे भी मतगणना के रूझानों में पिछड़ते दिख रहे हैं।

इससे इतर सिंधिया समर्थकों का दबदबा दिख रहा है, क्योंकि ज्यादातर उनके समर्थक बढ़त बनाए हुए हैं। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में गुना और बमोरी जनपद में जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर चुनावी मैदान में उलटफेर होता नजर आ रहा है। जिपं के वार्ड-2 में भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी, यहां से उनके नाती विवेक जाटव चुनाव मैदान में सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में विधायक खुद कमान संभाले हुए थे। वह ग्रामीण क्षेत्रों में अपने नाती के लिए हाथ जोड़कर वोट मांगते नजर आए थे, तो कहीं नाती से मतदाताओं के पैर छुलवाते नजर भी आए। घर-घर जाकर चुनाव चिन्ह बांटने के लिए विधायक ने काफी पसीना बहाया, लेकिन यहां पर सिंधिया समर्थक नीरज निगम के पिता प्रेमनारायण निगम आगे निकलते दिख रहे हैं। इसी वार्ड से 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके चंद्रप्रकाश अहिरवार बंटी, जिन्होंने बाद में सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थाम लिया था, वह भी पिछड़ते दिख रहे हैं।
ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बहू के सामने सारिका लुंबा की जीत तय
भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और सिंधिया के करीबी योगेंद्र लुंबा की बहू सारिका लुंबा और कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष मानसिंह परसौदा की बहू रामकन्या परसौदा के बीच वार्ड-1 में जिला पंचायत सदस्य के लिए मुकाबला था। लेकिन यहां पर भी योगेंद्र लुंबा की बहू सारिका लुंबा बढ़त बनाती दिख रही हैं, जबकि ग्रामीण जिलाध्यक्ष परसौदा की बहू पिछड़ती नजर आ रही हैं। खास बात यह कि एक समय कांग्रेस में दोनों नेता काफी करीबी रहे हैं।












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