रागी उत्पादन में गुमला पूरे झारखंड राज्य में अव्वल

जिला प्रशासन गुमला द्वारा जिले में संचालित रागी मिशन तथा पोषण लड्डू योजना की समीक्षा बैठक बुधवार को डीसी सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई

रांची,1 नवंबर: जिला प्रशासन गुमला द्वारा जिले में संचालित रागी मिशन तथा पोषण लड्डू योजना की समीक्षा बैठक बुधवार को डीसी सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जेएसएलपीएस डीपीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जिले में 3500 हेक्टेयर जमीन में रागी की खेती की गयी है. जिसमें 4500 मिट्रिक टन रागी का उत्पादन हुआ है. जिसमें 200 मिट्रिक टन उत्पादित रागी का क्लस्टर स्तर पर संकलन किया जा चुका है.

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रागी कटाई की प्रक्रिया की कमियों की बनायें लिस्ट

डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि उत्पादन व कटाई की प्रक्रिया में यदि कोई त्रुटि देखने को मिली तो उसकी सूची बनायें. डीसी ने कहा कि जिले में बृहत पैमाने पर रागी उत्पादन को बढ़ावा देना है. यदि हम आज की गलतियों को आने वाले साल में फिर से करेंगे तो तो उत्पादन में दिक्कत होगी. अगले साल के फसल उत्पादन से पूर्व इस साल की सभी त्रुटियों पर विशेष ध्यान देते हुए और अधिक बेहतर उत्पादन कर सकेंगे. वहीं डीसी ने बाजार समिति में रागी के प्रोसेसिंग मशीन के अधिष्ठापन से पूर्व वहां की आवश्यक सुविधा जैसे विद्युत आदि को दुरुस्त करने एवं सखी मंडलियों द्वारा जल्द से जल्द प्रोसेसिंग का कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया.

गुमला पूरे राज्य में अव्वल

डीसी ने कहा कि रागी उत्पादन में गुमला झारखंड में अव्वल स्थान पर है. अब इसके मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने जरूरत है. डीसी ने किसान मेला का भव्य रूप से आयोजन करने का निर्देश दिया. ताकि दूरदराज से भी लोग आकर रागी तथा इससे बने चीजों की खरीद सके. डीसी ने कहा कि मेला में कोई संस्था, संगठन अथवा कंपनी रागी की खरीद करने या इसकी मार्केटिंग करने हेतु जिला प्रशासन के साथ जुड़ना चाहे तो उनका तहे दिल से स्वागत किया जायेगा. वहीं डीसी ने जिले से एक टीम को रागी से संबंधित बनने वाले खाद्य पदार्थों, रागी से संबंधित वैज्ञानिक दृष्टिकोण आदि को समझने और सीखने के लिए अन्य राज्यों के यूनिवर्सिटी अथवा संस्थानों में जाने हेतु तैयारी करने का निर्देश दिया. ताकि उनके द्वारा लिए गए प्रशिक्षण से गुमला जिले में और बेहतर कार्य किया जा सके.

बच्चों के लिए तैयार करायें रागी आटा

डीसी ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे बच्चों की सूची देने का निर्देश दिया. कहा कि केंद्रों के बच्चों के लिए रागी के आटे तैयार कर भेजे जायेंगे. जिसे नियमित रूप से बच्चों के भोजन में मिलाकर दिय जायेगा. इससे बच्चे कुपोषण से बचेंगे. जिले में कुपोषण को खत्म करने का सबसे बेहतर उपाय रागी है. साथ ही आर्थिक आमदनी का भी स्त्रोत है. डीसी ने रागी के पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही.

जिला प्रशासन गुमला द्वारा जिले में संचालित रागी मिशन तथा पोषण लड्डू योजना की समीक्षा बैठक बुधवार को डीसी सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जेएसएलपीएस डीपीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष जिले में 3500 हेक्टेयर जमीन में रागी की खेती की गयी है. जिसमें 4500 मिट्रिक टन रागी का उत्पादन हुआ है. जिसमें 200 मिट्रिक टन उत्पादित रागी का क्लस्टर स्तर पर संकलन किया जा चुका है.
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