Gandhi Jayani: बोले सीएम अशोक गहलोत 'गांधीवादी सोच ही शांति की ओर अग्रसर कर सकती है'
जयपुर, 02 अक्टूबर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 153 वीं, गांधी जयंती के अवसर पर रविवार को सचिवालय में गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. प्रार्थना सभा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए. गांधी सर्किल स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा हुई. इसके बाद रामधुनी का कार्यक्रम आयोजित हुए. "रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम", 'वैष्णजन तेने कहिए जै पीर पराई जानिए' जैसे गांधी जी के भजनों कि गूंज रही।

मुख्यमंत्री गहलोत के साथ इस दौरान कला संस्कृति मंत्री BD कल्ला, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, कार्मिक प्रमुख सचिव हेमंत गेरा, प्रमुख सचिव यूडीएच कुंजी लाल मीणा समेत कई अधिकारी सचिवालय में मौजूद रहें।
इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रपिता के रूप में प्रसिद्ध हैं, गांधी ने पूरे मुल्क को आजाद करवाया. आजादी से पहले अफ्रीका में अहिंसा का महत्व बताया. मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया आज के दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मना रही है. इस बात का हमें गर्व होना चाहिए. बहुत हालत खराब रहे हैं, जहां हिंसा होती है. वहां देशवासी बेबस दिखते हैं. बहुत दुख होता है जब गांधी के मुल्क में हिंसा होती है. सीएम ने मेरा विश्वास अहिंसा और सत्य में है. गांधी जी के सिद्धांतों में है. उनको कितना दुख होता होगा, यह वह लोग जानते हैं जो गांधी दर्शन को जीते हैं.
उन्होंने ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि 'गांधी जी के द्वारा लिखी गई उनकी आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' सत्य और अहिंसा के दर्शन पर आधारित एक अद्वितीय रचना है। आज की युवा पीढ़ी को इसे जरूर पढ़ना चाहिए। इसके अध्ययन से युवा पीढ़ी में गांधीवादी सोच विकसित हो सकेगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अहिंसावादी विचारधारा ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया। आज सारा विश्व हिंसा व अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में मात्र गांधीवादी सोच ही विश्व को शांति और अहिंसा की ओर अग्रसर कर सकती है।'












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