आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री बोले- राज्य पर बढ़े कर्ज को नहीं कर सकते अनदेखा
आंध्र प्रदेश के कर्ज को लेकर टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, पूर्व मंत्री यनामला रामकृष्णुडु और अन्य नेताओं के बयानों पर वित्त मंत्री बुगना राजेंद्रनाथ ने तंज कसा।

अमरावती,28 दिसंबरः आंध्र प्रदेश के कर्ज को लेकर टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, पूर्व मंत्री यनामला रामकृष्णुडु और अन्य नेताओं के बयानों पर वित्त मंत्री बुगना राजेंद्रनाथ ने तंज कसा। उन्होंने विपक्ष को तथ्यों की अनदेखी करते हुए अपने पक्ष में आंकड़ों में हेरफेर करने में विशेषज्ञ करार दिया है।
वित्त मंत्री बुगना राजेंद्रनाथ ने कहा कि, पिछली टीडीपी सरकार की गलतियों, ऋणों और लंबित बिलों ने केवल राज्य के लिए कठिनाई पैदा की हैं। बुगना ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि 2014 तक पूर्ववर्ती संयुक्त आंध्र का ऋण 1,20,556 करोड़ रुपये था। राज्य विभाजन के बाद टीडीपी के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कर्ज बढ़कर 2,69,462 करोड़ रुपये हो गया।
उन्होंने कहा कि, स्वतंत्रता के बाद 58 वर्षों में क्रमिक सरकारों द्वारा किए गए ऋणों की तुलना में टीडीपी के पांच साल के शासन (2014-19) में ऋण में 124% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसी सरकार ने टीडीपी शासन के दौरान किए गए ऋणों को चुकाने के अलावा मार्च, 2022 तक 3,82,165 करोड़ रुपये का उधार लिया था। 2019 की तुलना में वाईएसआरसी शासन के दौरान ऋणों में वृद्धि 42% की हुई है।
उन्होंने कहा कि, वाईएसआरसी सरकार के गठन के बाद कुल 1.85 लाख करोड़ रुपये की सहायता लोगों को दी गई। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत बीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों के बैंक खातों में सीधे 1.35 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए। गैर-डीबीटी के तहत लोगों को कुल 1.45 लाख करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया गया।












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