हरियाणा के सभी गांवों में बनाए जाएंगे आपदा मित्र, जल्द पोर्टल पर शुरू होगा रजिस्ट्रेशन: दुष्यंत चौटाला
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों में आपदा मित्र बनाए जाएंगे जो कि आपदा के समय वॉलंटियर के तौर पर कार्य करेंगे, जल्द ही इनका रजिस्ट्रेशन करने के लिए पोर्टल आरम्भ किया जाएगा। यह जानकारी डिप्टी सीएम, जिनके पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का प्रभार भी है, ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों की बैठक में शिरकत करने के बाद दी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आपदा प्रबंधन से संबंधित एक मैनुअल भेजा था जिसमे विभिन्न बिंदु शामिल थे, इनमें हरियाणा सरकार ने काफी काम किया है, फिर भी जो बचा हुआ है उसको दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड की जिला से लेकर ग्राम स्तर तक कमेटी बनाई जाएंगी।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ और सूखे जैसी संभावित आपदा के समय राहत देने के लिए 1100 करोड़ रूपये मंजूर किये गए हैं, जबकि इससे पिछले वर्षों में क्रमश: 500 करोड़ और 300 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का प्रावधान किया गया था। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में बारिश के कारण पानी भरता है, उसकी निकासी तथा नहरों आदि में पानी डालने के लिए भी योजना बनाई जा रही है ताकि न तो फसलों को नुकसान हो और न ही अन्य जान-माल का।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संभावित आपदा से पूर्व मोबाइल आदि के माध्यम से मैसेज भेज कर सचेत किया जा रहा है। इस वर्ष भी प्रदेश के लोगों को भारी बरसात, तेज आंधी आदि से संबंधित मैसेज लोगों को एडवांस में भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने आज जानकारी दी कि आसमानी बिजली गिरने से होने वाली आगजनी का पूर्वानुमान लगाने वाली तकनीक का ईजाद हो गया है, हरियाणा सरकार भी प्रदेश में जल्द ही इस तकनीक को लागू करने जा रही है जिससे लोगों को जान माल की हानि होने से बचाया जा सकेगा।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से आज की मीटिंग में गृह मंत्री से अनुरोध किया गया है कि हिसार में नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (NDRF) की एक बटालियन स्थापित की जाए ताकि किसी आपदा के समय तुरंत सहायता पहुंच सके। क्योंकि गोरखपुर में न्यूक्लियर पावर प्लांट है, पानीपत और बठिंडा में ऑयल रिफाइनरी और हिसार में एयरपोर्ट हैं, ऐसे में यहां एनडीआरएफ की बटालियन स्थापित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने आईआरबी के 260 जवानों को नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स की ट्रेनिंग भी दी है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से चंडीगढ़ में हरियाणा, पंजाब तथा हिमाचल प्रदेश के लिए सयुंक्त रूप से कमांड-सेंटर बनाया जाना चाहिए ताकि कांगड़ा -सेस्मिक बेल्ट में आने वाले भूकंप का पूर्वानुमान लगाया जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार को नई राष्ट्रिय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूल तथा यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में आपदा प्रबंधन से संबंधित विषय को भी शामिल करने का अनुरोध किया है।












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