यमुना की सफाई के लिए दिल्ली सरकार ने दिया 1028 करोड़ का अतिरिक्त फंड

दिल्ली विधानसभा ने यमुना की सफाई के लिए चालू वित्त वर्ष के तहत 1028 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड जारी करने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को सदन में अनुपूरक अनुदान की मांग के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें अलग-अलग कामों के लिए अतिरिक्त फंड दिए जाने के लिए विधानसभा से मंजूरी मांगी गई थी।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि एलजी साहब ने अफसरों पर दबाव बनाकर यमुना की सफाई के काम को रोकने का भी हरसंभव प्रयास किया। सदन से बजट मंजूर होने के बावजूद जल बोर्ड के काम भी रोके गए। लाख अड़ंगे लगाने के बाद भी जब प्रोजेक्ट्स पर काम नहीं रुके, तो इन्होंने फंड ही रोक दिए। इसके बावजूद यमुना की सफाई का काम जारी है और दिल्ली सरकार इसे रुकने नहीं देगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के रुके हुए फंड को तो जारी करवा ही दिया है, साथ में यमुना की सफाई के लिए 1028 करोड़ रुपये का एडिशनल बजट भी पास कर दिया है, ताकि यमुना को साफ करने के काम में तेजी लाई जा सके।
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने वादा किया है कि अगले चुनावों से पहले यमुना साफ होकर रहेगी। दिल्ली सरकार इस दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रही है। सीएम खुद यमुना की सफाई को प्राथमिकता देते हुए रोज एक-एक नाले की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में चल रहे कामों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अधिकारियों से ले रहे हैं। बीजेपी और एलजी चाहे जितने प्रयास कर ले, दिल्ली सरकार यमुना को साफ करके दिखाएगी।
यमुना की सफाई के अलावा दिल्ली सरकार की अन्य परियोजनाओं और लोकहित के कामों में तेजी लाने के लिए कई अन्य मदों में भी पूरक अनुदान की मांगों को मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री सड़क योजना में 100 करोड़, ट्रांस यमुना एरिया में विकास कार्यों के लिए 49 करोड़, पीडब्ल्यूडी की सड़कों की मेंटिनेंस, स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम के निर्माण, अस्पतालों के री-मॉडलिंग आदि के लिए लगभग 800 करोड़, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 75 करोड़, छठ घाटों के लिए 8 करोड़, शहीदों को सम्मान राशि देने की मद में 25 करोड़, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए 50 करोड़, एससी-एसटी वेलफेयर के लिए 75 करोड़, डीजीएचएस के लिए 50 करोड़, अस्पतालों के फंड के लिए 364 करोड़, उच्च शिक्षा के लिए 78 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान के लिए 199 करोड़, यूनिफॉर्म सब्सिडी के लिए 130 करोड़, मिड डे मील के लिए 114 करोड़, लॉ डिपार्टमेंट के लिए 60 करोड़, वकीलों के लिए दिल्ली सरकार की योजना के तहत 10 करोड़ और दिल्ली हाई कोर्ट और सिविल कोर्ट में विभिन्न मदों के लिए 311 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड को विधानसभा में मंजूरी दी गई है।












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