विधायकों को धमकी मामले में सीएम मनोहर ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों के साथ की बैठक, कहा- अपराधियों को जेल पहुंचाएं
चंडीगढ़, 13 जुलाई। हरियाणा के कुछ विधायकों को धमकी मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में गृह मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारी प्रदेश के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और इस मामले को जल्द से जल्द हल कर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

हरियाणा में अब तक छह विधायकों को रंगदारी और जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद हरियाणा सरकार ने विधायकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया था। प्रदेश के सभी 90 विधायकों की सुरक्षा के लिए अब उनके पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) को एके-47 दी जाएंगी। धमकी मिलने वाले विधायकों के पीएसओ को यह आधुनिक हथियार मुहैया करा दिए गए हैं। शेष पीएसओ भी एके-47 से लैस होंगे। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया था। उन्होंने डीजीपी समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाकर विधायकों की सुरक्षा दुरुस्त करने का आदेश दिया था। गृह मंत्री अनिल विज भी अधिकारियों से इस मामले में लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं।
अभी तक पीएसओ के पास पहले पिस्तौल, रिवॉल्वर या कारबाइन होती थी। एके-47 के मुकाबले इन हथियारों की मारक क्षमता कम है और इनमें गोलियां भी कम आती हैं। एके-47 में एक साथ 32 गोलियां आती हैं और इसकी मारक क्षमता का कोई तोड़ नहीं है। इसलिए विधायकों की सुरक्षा के मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए सरकार ने पुराने हथियारों के स्थान पर एके-47 देने का निर्णय लिया है। अब तक सोहना से भाजपा के विधायक संजय सिंह, साढ़ौरा से कांग्रेस की विधायक रेणु बाला, सोनीपत से सुरेंद्र पंवार, मामन खान, सफीदों से सुभाष गांगोली और बादली से विधायक कुलदीप वत्स को जान से मारने की धमकी के साथ-साथ रंगदारी मांगी जा चुकी है।












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