सीएम खट्टर का निर्देश- आदिबद्री को धार्मिक स्थल के रूप में करें विकसित
चंडीगढ़, 13 नवंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आदि बद्री धार्मिक स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाए। श्राइन बोर्ड व्यापक स्तर पर योजना बनाकर कार्य करें। आवागमन के लिए जगाधरी से आदि बद्री तक स्थायी बस सेवा शुरू की जाए।

सीएम ने श्री कपाल मोचन, श्री बद्री नारायण, श्री मंत्रा देवी एवं श्री केदारनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 से 19 नवंबर तक लगने वाले कपाल मोचन मेले और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। मेले में पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से लगभग 8 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। कार्तिक पूर्णिमा 18 व 19 नवंबर रात्रि के समय श्रद्धालुओं की संख्या अधिक मात्रा में होगी। इसके लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। श्रद्धालुओं को मेले में शामिल होने के लिए जिला प्रशासन के पोर्टल www.yamunanagar.nic.in पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि मेले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। कोविड-19 की परिस्थितियों के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला परिसर में हेल्थ चेकअप कांउटर बनाए जाएंगे। दो मोबाइल यूनिट मेला परिसर में मौजूद रहेंगी। ये श्रद्धालुओं की जांच एवं टीकाकरण का कार्य भी करेंगी। अगर कोई श्रद्धालु कोविड संक्रमित पाया जाता है तो उनके लिए 100 बेड का कंटेनमेंट केंद्र बनाया गया है। सुरक्षा के दृष्टिगत 19 चेक पोस्ट बनाने के साथ-साथ 50 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए 12 पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
सभी धार्मिक स्थलों का विकास करें
मेले में झूलों की व्यवस्था रहेगी। प्रतिदिन शाम के समय भजन संध्या होगी। मुख्यमंत्री ने मेला प्रशासक को निर्देश दिए कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रृखंला में देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम भी करवाएं। श्रद्धालुओं की आस्था के अनुरुप कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर, सूर्यकुंड, आदि बद्री, मंत्रा देवी व श्री केदारनाथ सहित सभी धार्मिक स्थलों को कार्यकारी कमेटी का गठन कर विकसित करें। इन स्थलों के सभी रास्ते बनाए जाएं। विशेषकर बिलासपुर से कपाल मोचन सड़क का सुधारीकरण कर डिवाइडर बनाएं। छह माह बाद बोर्ड की बैठक सुनिश्चित करें।












Click it and Unblock the Notifications