उत्तराखंड: CM धामी के छह फैक्टर लगाएंगे चुनावों में भाजपा की नैया पार
देहरादून, 11 नवंबर: सुबह से दोपहर बाद तक मिनी स्टेडियम खचाखच भरा था। चुनावी रैली जैसा नजारा। ढोल नगाड़े बज रहे थे। कार्यक्रम सरकारी था मगर रंग भाजपा का। पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस बड़े शो से सियासी बढ़त के इरादे जताए। शानदार आयोजन को देख सीएम भी रंग में दिखे। कई घोषणाएं की तो अपनी उपलब्धियों को भी गिनाया। इशारों-इशारों में अपने छह फैक्टरों से यह भी बता दिया कि चुनाव में दमखम के साथ उतरने की उनकी क्या रणनीति है।

मोदी फैक्टर: अपने 35 मिनट के भाषण में शुरू से अंत तक सीएम ने 30 से अधिक बार प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिया। उनके आशीर्वाद को उत्तराखंड के भाग्योदय के लिए जरूर बताया। आपदा में मदद, केदारपुरी का नवनिर्माण, 2025 के मॉडल प्रदेश के विजन, जमरानी, बागेश्वर-टनकपुर रेललाइन की मंजूरी का श्रेय पीएम को दिया। सीएम ने यह बताने की कोशिश भी की कि चुनाव में मोदी का आशीर्वाद फिर मिलने वाला है।
एनडी फैक्टर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे नारायण दत्त तिवारी के गांव की सड़क का नाम उनके नाम पर रखने, सिडकुल का नाम रखने और उत्तराखंड गौरव सम्मान देने की बात कहकर सीएम ने कांग्रेसी हलकों में बेचैनी पैदा करने की कोशिश की। यह भी कहा कि हम राजनीति से उठकर काम करने वाले लोग हैं। माना जा रहा है कि एनडी की विकास पुरुष की छवि को भाजपा इस बार भुनाना चाहती है।
युवा फैक्टर: कार्यक्रम में युवाओं की अच्छी खासी संख्या बता रही थी कि 2022 की चाबी युवाओं के पास ही है। खुद को युवा बताते हुए छात्रों और युवाओं से नेतृत्व करने का आह्वान किया। आईटी अकादमी की स्थापना की घोषणा को भी युवाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। 12 हजार पदों पर नियुक्तियों पर प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन देकर युवाओं को रिझाने का प्रयास किया।
सरलीकरण: सीएम ने आंगनबाड़ी वर्करों की कहानी सुनाकर उनके मानदेय की 14 साल पुरानी मांगों को 20 दिन में पूरा करने का दावा किया। सीएम ने यह बताने की कोशिश की कि उनके सरलीकरण सिद्धांत का यह अजब नमूना है। उपनल कर्मियों, बिजली कर्मियों की समस्याओं के समाधान, कॉर्बेट में सफारी के लिए महिला ड्राइवर और गाइड की भर्ती को भी इसी से जोड़ा।
संतुष्टि: यह भी कहा कि यह यात्रा उनकी निजी नहीं है। यह सामूहिक है। सभी इसे लेकर आगे बढ़ें और राज्य की प्रगति की सोचें। कहा कि अच्छा लगता है जब हम विकास की बात करते हैं।
समाधान: गौलापुल में 15 दिन में यातायात शुरू करने के संकल्प को आठ दिन में पूरा करने को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। यह बताने की कोशिश की कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो हर समस्या का समाधान है।
भाषण देते समय पहन ली पहाड़ी टोपी
हल्द्वानी। पूरे कार्यक्रम में सीएम बिना टोपी के थे। जब भाषण देने पहुंचे तो उन्होंने जेब से काले रंग की पहाड़ी टोपी निकाली और पहन ली। इस पर उन्होंने खूब तालियां बटोरी।
मंच सरकारी पर भाजपा ही भारीहल्द्वानी। मंच पर सरकारी अमला सिर्फ व्यवस्था बनाने तक सीमित था। मंत्र पर भाजपा नेता नवीन दुम्का, दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, प्रकाश रावत, प्रताप सिंह, गोबिंद सिंह बिष्ट दान सिंह रावत, राकेश नैनवाल, योगेश सिंह रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदीप बिष्ट, जोगेंद्र रौतेला, बेला तोलिया, रूपा देवी, दीपक मेहरा, शिव अरोरा, अजय राजौर, मजहर नवाब, आशा देवी, हरीश बिष्ट, कमल नयन जोशी को बुलाया गया था।
मंच पर लगे विशाल पर्दे पर केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, अरविंद पांडे, गणेश जोशी, धन सिंह रावत, रेखा आर्य और सांसद अजय टम्टा के फोटो लगे थे। संचालक भले ही प्रसिद्ध उद्घोषक हेमंत बिष्ट और मीनाक्षी कीर्ति कर रही थी मगर भाजपा महामंत्री प्रदीप जनौटी और कमल नयन जोशी ने खुद बागडोर संभाली। जयजयकार और जिंदाबाद के उद्घोष की जिम्मेदारी इन दोनों के ही पास थी।












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