मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा, अडानी भारत हैं क्या?

रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पहले हम लोग भाजपा के खिलाफ बोलते थे तो हिंदू विरोधी हो जाते थे। प्रधानमंत्री-गृह मंत्री के खिलाफ बोलते थे तो राष्ट्रद्रोही बता दिया जाता।

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अडानी समूह के बारे में एक अमेरिकन रिसर्च संस्था की रिपोर्ट ने शेयर बाजार में तहलका मचाया हुआ है। कंपनी के शेयर लगातार नीचे जा रहे हैं। कंपनी ने तीन दिन पहले लॉन्च एफपीओ भी वापस ले लिया है। इस बीच अडानी समूह की ओर से आई सफाई पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा हमला किया है। उन्होंने पूछा है कि अडानी, भारत हैं क्या? उन्होंने आशंका जताई कि अडानी के शेयरों के साथ राज्य कर्मचारियों की पेंशन स्कीम का 17 हजार करोड़ भी डूब सकता है।

रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पहले हम लोग भाजपा के खिलाफ बोलते थे तो हिंदू विरोधी हो जाते थे। प्रधानमंत्री-गृह मंत्री के खिलाफ बोलते थे तो राष्ट्रद्रोही बता दिया जाता। अभी जो बयान आया है, उसमें कहा जा रहा है कि यह भारत विरोधी है। तो भारत कौन है-अडानी जी हैं? क्योंकि कहा जा रहा है कि जो रिपोर्ट आई है वह भारत पर हमला है, अडानी पर हमला नहीं है। मुझे यह शंका है कि यह जो एनपीएस का पैसा हम लोग मांग रहे थे 17 हजार करोड़ वह केंद्र ने नहीं दिया। यूटीआई, एसबीआई और एलआईसी, इसी में से सब पैसा अडानी की कंपनी में गया है। यह तीन फंड मेजर है जिनका पैसा लगा है इन्हीं लोगों के यहां।

सीएम ने कहा कि जब शेयर मार्केट गिर गया तब भी एलआईसी ने पैसा दिया है। उनका शेयर खरीदा, पैसा दिया है। तो समझ लीजिए कि कर्मचारियों के बुढ़ापे का जो सहारा था वह कहीं छिन तो नहीं जाएगा! यह भारत सरकार को बताना चाहिए कि कर्मचारियों के एनपीएस का जो पैसा था, जो उनको रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला था, वह डूब तो नहीं जाएगा। शंका यह है और भारत सरकार को इसका खुलासा करना चाहिए। हमने जब एनपीएस का पैसा मांगा था तो वे नहीं दिये थे। यह बड़ी चिंता है। एक रिपोर्ट से बिल्कुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया। वैसे भी जब कोई चोटी से लुढ़कता है तो बहुत तेजी से नीचे गिरता है। इस एक सप्ताह में ही क्या से क्या हो गया। उसके बाद भी एसबीआई का पैसा, एलआईसी का पैसा उसमें डाला जा रहा है, यह बड़ी चिंता की बात है।

गरीबों के आवास पर कोई समझौता नहीं होगा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, गरीबों के आवास के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। सरकार ने पिछले बजट में 800 करोड़ का प्रावधान किया था। इस बजट में भी व्यवस्था किया जाएगा। भाजपा इसे लेकर चिल्ला जरूर रही है लेकिन इनसे कुछ हाेगा नहीं। रमन सिंह लोन लेकर शुरू किये थे, हम तो बजट में प्रावधान कर रहे हैं। गरीबों के बारे में तो भाजपा को बात ही नहीं करनी चाहिए। रमन सिंह के राज में सबसे अधिक गरीबी छत्तीसगढ़ में थीे। 40% से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे थे। 18% लोगों के पास पक्के मकान नहीं थे। 40% से अधिक बच्चे कुपोषित थे। एनिमिया 47% से अधिक रहा यह इनकी उपलब्धि थी।

रमन सिंह के खिलाफ जांच की अनुमति भी रोकेंगी क्या राज्यपाल

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ जांच की अनुमति के राजभवन में रुकने के सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, भाजपा वाले तो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं। ऐसे में तो राज्यपाल से जांच की अनुमति तत्काल मिलनी चाहिए थी। क्यों अनुमति नहीं दे रही हैं। जांच की अनुमति मांगी है तो उसमें भी कोई परीक्षण-वरीक्षण करेंगी क्या? या उसमें भी विधिक सलाह लिया जाएगा। अब ईओडब्ल्यू को प्राथमिक तौर पर लगा कि शिकायत सही है। अब जांच करना है और रमन सिंह लोक सेवक के दायरे में आते हैं तो अनुमति लेनी होगी। ऐसी अनुमति तो तत्काल मिलनी चाहिए।

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