छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना के तहत मिलेगी 20-20 हजार रुपए की आर्थिक मदद, जानिए कौन उठा सकता है लाभ
रायपुर, मार्च 02। छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूरों के परिवार की पहली दो बेटियों के लिए 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। राज्य सरकार की ओर से यह सहायता बच्चियों के लिए शिक्षा, रोजगार और शादी के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस पर इस योजना की घोषणा की थी।

कौन आवेदन कर सकता है योजना के लिए?
- 'नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना' के तहत आवेदन करने के लिए मजदूर को छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना चाहिए और छत्तीसगढ़ भवन और अन्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड होना चाहिए। मजदूरों की वयस्क, अविवाहित बेटियां ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
- इसके अलावा, लड़की के माता-पिता में से एक या दोनों को कम से कम एक साल के लिए श्रम बोर्ड में रजिस्टर्ड होना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि आश्रित बेटी, जिसके लिए आवेदन किया जाएगा, उसे किसी अन्य विभाग या बीओसी बोर्ड के साथ लाभार्थी के रूप में पंजीकृत नहीं किया जाना चाहिए। इस पैसे का उपयोग बेटियों की शिक्षा, रोजगार, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और शादी के लिए किया जा सकता है।
- श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम है। आर्थिक सहायता सीधे बेटियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
- मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम ठाकुराईन टोला में महाशिवरात्रि के पावन अवसर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की नोनी सशक्तिकरण योजना का शुभारंभ करते हुए 16 हितग्राही बेटियों को 20-20 हजार रुपये के चेक सौंपे।












Click it and Unblock the Notifications