'सामाजिक न्याय के लिए जाति जनगणना बेहद आवश्यक', जगन सरकार ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से की अपील
आंध्र प्रदेश की जगन मोहन सरकार ने जाति जनगणना कराने के लिए केंद्र से अपील की है। आंध्र प्रदेश सरकार ने चल रहे विधानसभा सत्र के चौथे दिन जाति जनगणना के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया।
बीसी कल्याण मंत्री चे. वेणुगोपाल कृष्ण ने सदन में प्रस्ताव पेश किया और कहा कि जाति-आधारित जनगणना करना महत्वपूर्ण है। क्योंकि प्रत्येक जाति की जनसंख्या वृद्धि का पता लगाने की तत्काल आवश्यकता है।

छह वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति गठन
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना जाति-वार नहीं की जाती है, इसलिए आंध्र प्रदेश सरकार केंद्र से जाति जनगणना कराने की मांग करती है। क्योंकि सामाजिक न्याय के लिए जाति-वार जनगणना आवश्यक है। वेणुगोपाल कृष्ण ने कहा कि राज्य सरकार ने जाति जनगणना की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए छह वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य में जाति जनगणना कराएगी।
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प्रस्ताव पारित होने के लिए वाईएसआरसी बीसी नेताओं और मंत्रियों ने आभार व्यक्त किया। इनमें वेणुगोपाल कृष्ण, स्वास्थ्य मंत्री विदादाला रजनी, आवास मंत्री जोगी रमेश, महिला और बाल कल्याण मंत्री केवी उषाश्री चरण, सरकारी सचेतक करणम धर्मश्री, विधायक एम शंकर नारायण और पोन्नदा शामिल हैं।
'सामाजिक न्याय जाति के आधार पर ही मिलेगा'
उन्होंने कहा कि जाति जनगणना के आदार पर ही लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। सामाजिक न्याय जाति के आधार पर ही मिलेगा। वहीं, जाति जनगणना को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत पहले से अपनी आवाज बुलंद किए हुए हैं। वे बहुत पहले से जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं।
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