Byrathi Suresh: सिद्धारमैया की कार का वो VIP ड्राइवर, जिसकी चर्चा के आगे फीका पड़ गया CM का इस्तीफा!
Byrathi Suresh: कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार की सुबह सिर्फ एक इस्तीफे की नहीं, बल्कि एक तस्वीर की भी खूब चर्चा रही। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जब सिद्धारमैया अपने सरकारी आवास 'कावेरी' से बाहर निकले, तब उनकी कार चला रहे व्यक्ति ने सबका ध्यान खींच लिया। ड्राइविंग सीट पर कोई सरकारी ड्राइवर नहीं, बल्कि कैबिनेट मंत्री बायराथी सुरेश बैठे दिखाई दिए।
तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई। लोग सवाल पूछने लगे कि आखिर मुख्यमंत्री की कार एक मंत्री क्यों चला रहे थे। लेकिन कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति को करीब से समझने वाले नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ कार चलाने की घटना नहीं थी, बल्कि यह सिद्धारमैया और बायराथी सुरेश के मजबूत भरोसे और पुराने राजनीतिक रिश्ते का सार्वजनिक संकेत भी माना जा रहा है।

इस्तीफे के बाद सामने आई तस्वीर
कई महीनों से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें चल रही थीं। आखिरकार गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था।
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सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ कर दिया था कि अगर पार्टी नेतृत्व उनसे इस्तीफा मांगेगा तो वह तुरंत पद छोड़ देंगे। उन्होंने बताया कि हाईकमान ने दो दिन पहले उन्हें इस्तीफा देने को कहा था और उसी के बाद उन्होंने 48 घंटे के भीतर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल कर्नाटक से बाहर हैं और उनके लौटने के बाद इस्तीफे पर औपचारिक फैसला होगा।
राजभवन के विशेष सचिव प्रभु शंकर ने बताया कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा मिल चुका है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही अगला कदम तय होगा।
कौन हैं बायराथी सुरेश?
बायराथी सुरेश कर्नाटक कांग्रेस के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्हें सिद्धारमैया का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है। वे सिर्फ मंत्री नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के बेहद करीबी राजनीतिक सहयोगी माने जाते हैं। बेंगलुरु क्षेत्र की राजनीति में उनका मजबूत प्रभाव है और संगठन से लेकर सत्ता तक उनकी पकड़ अच्छी मानी जाती है।
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि जब सिद्धारमैया ने जनता दल सेक्युलर छोड़कर कांग्रेस में अपनी अलग पहचान मजबूत करनी शुरू की थी, उसी दौर में बायराथी सुरेश भी तेजी से उभर रहे थे। तभी से दोनों नेताओं के बीच करीबी लगातार बढ़ती गई।
कार की ड्राइविंग सीट पर क्यों दिखे सुरेश?
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास 'कावेरी' पर कांग्रेस के कई बड़े नेता पहुंचे थे। इसी दौरान जब सिद्धारमैया बाहर निकले तो उनकी कार की स्टीयरिंग बायराथी सुरेश संभालते दिखे। तस्वीर वायरल होते ही इसे लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य घटना नहीं थी। इसे सिद्धारमैया कैंप की एकजुटता और भरोसे के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर नेतृत्व बदलाव को लेकर माहौल गर्म है।
सिद्धारमैया कैंप के अहम चेहरे
कर्नाटक कांग्रेस में कई नेता अलग-अलग खेमों से जुड़े माने जाते हैं। जहां कुछ नेता खुले तौर पर डीके शिवकुमार के करीब माने जाते हैं, वहीं बायराथी सुरेश हमेशा सिद्धारमैया के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल रहे हैं। बताया जाता है कि सरकार के कई अहम फैसलों और राजनीतिक रणनीतियों को जमीन तक पहुंचाने में भी सुरेश की अहम भूमिका रहती है। पार्टी के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री के इनर सर्कल का हिस्सा माना जाता है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे नेताओं के निजी रिश्ते और भरोसे की मिसाल बताया, जबकि कई लोगों ने इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस्तीफे जैसे बड़े घटनाक्रम के बीच इस तस्वीर का सामने आना संयोग नहीं माना जा रहा। सिद्धारमैया के सबसे करीबी नेताओं का सार्वजनिक तौर पर उनके साथ दिखना यह संकेत देने की कोशिश भी हो सकती है कि उनका खेमा अब भी पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है।
कांग्रेस नेतृत्व का जताया आभार
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कर्नाटक का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया, जिसके लिए वह आभारी हैं।












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