Rajasthan में निकली बंपर भर्तियां, 1200 पदों पर होगी भर्ती
जयपुर, 9 सितंबर। राजस्थान में वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी और प्रमुख विरोधी दल भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दल भी अभी से ही अपनी सियासी ज़मीन मजबूत करने में जुट गए हैं। एक ख़ास रणनीति को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों को साधने की कवायद होने लगी है।

इधर, कांग्रेस शासित गहलोत सरकार प्रदेश में हर साल सरकार बदलने की परम्परा को तोड़ने की कोशिशों में जुटी हुई है। सरकार की योजनाएं भी हर वर्ग पर फोकस करते हुए उन्हें संतुष्ट करने की दिखाई दे रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से गुरुवार को जारी हुए परीक्षाओं के संभावित कलेण्डर को भी कुछ इसी कवायद में जोड़कर देखा जा सकता है।
चुनाव से ठीक पहले बंपर भर्तियां
आरपीएससी के संभावित परीक्षा कैलेंडर पर नज़र दौड़ाएं तो साफ़ है कि सरकार विधानसभा चुनाव पर जाने से पहले बेरोज़गार युवाओं को बंपर नौकरियाँ देने के मूड में है। चुनाव वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवम्बर में प्रस्तावित रहेंगे। चुनाव के मद्देनज़र उससे पहले आचार संहिता लगेगी। ऐसे में आरपीएससी कैलेंडर में जनवरी से मई माह तक के जारी संभावित कार्यक्रम में ज़्यादा से ज़्यादा भर्तियां किए जाने की मंशा झलक रही है।
तीन महीने, 1200 विभिन्न पदों पर भर्ती
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने विभिन्न परीक्षाओं की संभावित परीक्षा तिथि जारी की है। आगामी वर्ष के जनवरी से मई माह तक संस्कृत शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा स्वायत्त शासन विभाग के कुल 1200 विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।इस संबंध में विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा।
शहरी रोज़गार गारंटी का भी 'सियासी' मकसद!
गहलोत सरकार ने ग्रामीण रोज़गार की तर्ज पर अब शहरी रोज़गार गारंटी मिशन की भी शुरुआत कर दी है। इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना में बेरोज़गार युवाओं को 100 दिन का रोज़गार देकर जोड़ा जा रहा है। इससे पहले बेरोज़गार युवाओं के लिए बेरोज़गारी भत्ता सहित कई अन्य योजनाएं भी संचालित हैं। इन योजनाओं के ज़रिये सरकार की कोशिश युवाओं के इस बड़े वोट बैंक तक पहुँच बनाकर इन्हें अपने पक्ष में करने की भी है।












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