भूपेश सरकार गरीबों को देगी पक्का मकान, ग्रामीण आवास न्याय योजना को मिली मंजूरी
केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने के बाद अब राज्य सरकार ने ग्रामीण आवास न्याय योजना के अंतर्गत आवास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। जिससे गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान की योजना का रास्ता साफ हो गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत छह लाख 99 हजार 439 आवासों का निर्माण अटकने के बाद कैबिनेट ने ग्रामीण आवास न्याय योजना के तहत मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना वर्ष-2011 की सर्वे सूची में शामिल होने से वंचित रह गए ऐसे परिवार जो आवासहीन है, उन्हें राज्य सरकार अब अपने मद से आवास उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जुलाई महीने में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आवासहीन लोगों के लिए ग्रामीण आवास न्याय योजना की घोषणा की थी। इस योजना के नीति निर्धारण एवं क्रियान्वयन के संबंध में मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया। अन्य फैसले में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को परीवीक्षा अवधि के दौरान 100 प्रतिशत स्टायफंड दिए जाने का निर्णय प्रमुख है।

प्रदेश में जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकता एवं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के अनुसार कुल 47,090 परिवार ऐसे पाए गए है जो आवासहीन है और इनका नाम सर्वे सूची 2011 में नही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण न्याय योजना के लिए का शत प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण के लिए दी जाएगी। वर्ष 2023-24 के बजट में राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।












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