SYL को लेकर CM मान का हरियाणा को धमाकेदार जवाब, कह दी बड़ी बात
इस मामले को लेकर 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के दो फैसलों के बावजूद पंजाब ने एसवाईएल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है।

एस.वाई.एल. के मुद्दे पर केंद्र के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच एक और बैठक खत्म हो गई। उक्त मीटिंग केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुलाई थी।
बताया जा रहा है कि यह बैठक भी बेनतीजा रही। बैठक खत्म होने के बाद सी.एम. भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब का पक्ष आज भी मजबूती से रखा गया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि पंजाब में पानी की कमी है, हम कैसे दे सकते है किसी को पानी। सी.एम. मान ने कहा कि SYL की जगह YSL बनाया जाएं यानी की यमुना से हरियाणा को पानी देने में कोई एतराज नहीं लेकिन सतलुज से पानी देने में ऐतराज है।
बता दें कि इस मामले को लेकर 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के दो फैसलों के बावजूद पंजाब ने एसवाईएल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों को लागू करने की बजाए पंजाब ने साल 2004 में समझौता निरस्तीकरण अधिनियम बनाकर इनके क्रियान्वयन में रोड़ा अटकाने का प्रयास किया। बता दें कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के प्रावधान के अंतर्गत भारत सरकार के 24 मार्च, 1976 को जारी आदेश के अनुसार हरियाणा को रावी-ब्यास के फालतू पानी में से 3.5 एमएएफ जल का आबंटन किया गया था।
एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से हरियाणा केवल 1.62 एमएएफ पानी का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब अपने क्षेत्र में एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न करके हरियाणा के हिस्से के लगभग 1.9 एमएएफ जल का गैर-कानूनी ढंग से उपयोग कर रहा है। पंजाब के इस रवैये के कारण हरियाणा अपने हिस्से का 1.88 एम.ए.एफ. पानी नहीं ले पा रहा है।
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