रौशन आनंद के भाई की कैसे हुई मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा,लेकिन और उलझी मौत की गुत्थी,खान सर पर इल्जाम!
Prince Yadav Postmortem Report: बिहार के मशहूर टीचर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गई है। नेपाल के विराटनगर में हुई इस घटना ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। नेपाल से आई प्रिंस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा तो हुआ लेकिन रिपोर्ट ने इस पूरी घटना को सुलझाने के बजाय और ज्यादा उलझा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस यादव का पोस्टमॉर्टम सिर्फ 20 मिनट में कर दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रिंस की मौत कैसे हुई? क्या यह प्राकृतिक मौत (नेचुरल डेथ) थी, किसी बीमारी का असर था, शराब पीने की वजह से था, पॉइजन या कार्डियक अटैक था या फिर सच में हत्या की गई थी। आइए जानते हैं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या कहा गया है।

प्रिंस यादव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने क्यों बढ़ा दिया सस्पेंस?
नेपाल के कोसी अस्पताल में प्रिंस यादव का पोस्टमार्टम किया गया। लेकिन जो बातें सामने आ रही हैं, वो हैरान करने वाली हैं। आमतौर पर किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में शरीर के आंतरिक अंगों की बारीकी से जांच करने में कम से कम 1 से 2 घंटे का समय लगता है। मगर पुलिस और परिजनों के कथित दबाव के आगे डॉक्टरों ने महज 20 मिनट के अंदर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को समेट दिया।
शुरुआती रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ लिखा कि मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और फाइनल रिपोर्ट विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। यही वह प्वाइंट है जिसने पूरे मामले को उलझा दिया है। सामान्य तौर पर संदिग्ध मौतों के मामलों में पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर के अलग-अलग अंगों, चोटों, आंतरिक स्थितियों और अन्य संकेतों की विस्तृत जांच की जाती है। लेकिन इस मामले में आरोप है कि प्रक्रिया बेहद कम समय में पूरी कर दी गई और कई जरूरी टेस्ट नहीं हुए।
रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों ने मौत के कारण को लेकर कोई फाइनल आंसर नहीं दिया है। ऐसे में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मौत बीमारी, हार्ट अटैक, जहर या किसी अन्य कारण से हुई।
दैनिक भास्कर के अनुसार कोसी अस्पताल के ही एक सीनियर डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रिंस की डेड बॉडी को देखकर पहली नजर में ही लग रहा था कि यह मर्डर का मामला है। लेकिन उस वक्त अस्पताल में कोई फॉरेंसिक एक्सपर्ट मौजूद नहीं था। पुलिस और जल्द से जल्द शव ले जाने की जिद पर अड़े लोगों के दबाव में आकर डॉक्टरों ने बिना बेसिक जांच किए ही रिपोर्ट तैयार कर दी। रिपोर्ट में साफ लिखा है- "मौत की असली वजह अभी साफ नहीं है, विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा।"

आखिर प्रिंस यादव की मौत को लेकर शक किस बात पर है?
प्रिंस की मौत को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने का मामला मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग जहरीले पदार्थ या अन्य कारणों की संभावना जता रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि अभी तक किसी भी संभावना को आधिकारिक रूप से खारिज नहीं किया गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं दिया। ऐसे में हार्ट अटैक, पॉइजनिंग, किसी मेडिकल इमरजेंसी या अन्य वजहों की जांच विसरा रिपोर्ट के जरिए ही संभव मानी जा रही है। नेपाल में जांच एजेंसियों ने विसरा सैंपल को धरान स्थित लैब भेजा है। अब उसी रिपोर्ट पर पूरे केस की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
विसरा के नाम पर निकाल लिया पूरा हार्ट! पोस्टमार्टम की 5 बड़ी लापरवाहियां
इस पोस्टमार्टम में जो लापरवाहियां बरती गईं, उन्होंने जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कहीं यह मामला भी सुशांत सिंह राजपूत केस की तरह उलझकर न रह जाए, क्योंकि शुरुआती और सबसे अहम सबूत अब नष्ट हो चुके हैं। डॉक्टरों ने जांच के नाम पर ये बड़ी गलतियां कीं:
- शराब और जहर की जांच नहीं हुई: अगर दावा किया जा रहा था कि मौत ज्यादा शराब पीने या जहर से हुई है, तो प्रिंस के मुंह या कपड़ों से आने वाली बदबू (स्मेल) का कोई परीक्षण नहीं किया गया।
- फेफड़ों को छोड़ दिया गया: शराब के ओवरडोज या मिर्गी का दौरा आने पर फेफड़ों में पानी भर जाता है, लेकिन डॉक्टरों ने फेफड़ों को छूकर तक नहीं देखा।
- जीभ की जांच नहीं की गई: मिर्गी का दौरा पड़ने पर अक्सर इंसान की जीभ दांतों के बीच कट जाती है, डॉक्टरों ने इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं रखा।
- हार्ट को बिना खोले ही काट दिया: हार्ट अटैक की स्थिति में चेहरा, नाखून और होंठ नीले पड़ जाते हैं और दिल के अंदर खून जमा हो जाता है। डॉक्टरों ने दिल को खोलकर देखने के बजाय विसरा जांच के लिए पूरा हार्ट ही काटकर धरान की लैब में भेज दिया।
- सिर की चोट को किया नजरअंदाज: प्रिंस की आंख के पास जख्म के निशान थे, जिससे सिर पर चोट लगने की पूरी आशंका थी। इसके बावजूद डॉक्टरों ने न तो सिर का कोई एक्स-रे किया और न ही अंदरूनी चोट की जांच की।

4 दोस्तों की रिमांड और बदलते बयान, क्या इशारा कर रहे हैं?
प्रिंस यादव अकेले नेपाल नहीं गया था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ वहां छिपा हुआ था। पुलिस ने जब प्रिंस के साथ मौजूद भारतीय दोस्तों अंकित यादव, रौशन यादव, लट्टू (लड्डू) यादव और जयराम यादव से पूछताछ की, तो उनके बयानों ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। शुरुआत में इन दोस्तों ने वहां की लोकल मीडिया को बताया कि जब प्रिंस की तबीयत बिगड़ी, तो वे सब साथ थे और वही उसे अस्पताल लेकर गए।
लेकिन जब नेपाल पुलिस ने अपने रंग में आकर कड़ाई से पूछताछ की, तो सबके बयान बदल गए। दोस्तों ने नया पैंतरा लेते हुए कहा कि हादसे के वक्त सिर्फ लड्डू यादव ही प्रिंस के साथ होटल में था और बाकी चार लोग जोगबनी घूमने चले गए थे। खुद लड्डू यादव ने भी पहले कहा कि वह बाहर था, लेकिन बाद में माना कि वह कमरे में ही मौजूद था। बयानों में इसी हेरफेर के कारण नेपाल पुलिस के प्रवक्ता DSP मकेन्द्र कुमार मिश्रा ने कोर्ट से इन चारों भारतीय दोस्तों की 7 दिनों की रिमांड ली है, जबकि एक स्थानीय नेपाली मददगार तीर्थ यादव को बेल मिल चुकी है।
क्या भारत आएगा प्रिंस यादव का विसरा, 2 देशों का पेचीदा कानूनी मामला
चूंकि यह घटना नेपाल में हुई है, इसलिए कानूनी रूप से यह मामला दो देशों के बीच का बन गया है। कानून के जानकारों का कहना है कि प्रिंस का निकाला गया विसरा कभी भी जांच के लिए भारत नहीं लाया जा सकेगा। उसकी फॉरेंसिक जांच नेपाल के धरान स्थित लैब में ही होगी और वहीं के डॉक्टर अंतिम रिपोर्ट जारी करेंगे।
अगर भविष्य में प्रिंस के परिवार को उस रिपोर्ट पर कोई आपत्ति होती है, तो उन्हें भारतीय दूतावास (Embassy) के जरिए नेपाल सरकार से अपील करनी होगी, जो कि एक बेहद लंबी और थकाऊ प्रक्रिया है।
खान सर ने हत्या के आरोपों पर क्या कहा?
अपने ऊपर लगे मर्डर के आरोपों पर देश के मशहूर टीचर खान सर ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। खान सर ने रौशन आनंद के भाई की मौत पर गहरी संवेदना जताते हुए कहा, "अचानक न्यूज देखकर मुझे लगा कि यह कोई फेक न्यूज़ है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। ऐसी त्रासदी भगवान दुश्मन के परिवार को भी न दे।"
खान सर ने आगे एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "रौशन आनंद और मेरे बीच जो लड़ाई चल रही थी, उसका फायदा उठाकर किसी तीसरे पक्ष ने यह खौफनाक साजिश रची है। मैं मांग करता हूं कि इस मामले की जांच के लिए एक हाई-लेवल टीम का गठन किया जाए और जो भी दोषी हो, उसे फांसी की सजा दी जाए। पुलिस को पकड़े गए पांचों लोगों की पहचान तुरंत उजागर करनी चाहिए। पीड़ित परिवार को मुझसे जो भी मदद चाहिए, मैं उसके लिए हमेशा तैयार हूं।"
उधर, भाई की मौत से टूटे रौशन आनंद का कहना है कि जब वे खुद जेल में बंद थे, तब साजिश के तहत उनके भाई को नेपाल में मरवाया गया। पटना पुलिस द्वारा केस दर्ज न किए जाने के बाद अब रौशन आनंद इस मामले को लेकर सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।

2 जून से 16 जून: प्रिंस यादव की मौत का पूरा घटनाक्रम (Timeline of Prince Yadav Death Mystery)
इस पूरी मिस्ट्री को तारीख दर तारीख समझने के लिए देखें यह टाइमलाइन:
- 2 जून: खान सर की कोचिंग में हुए भारी बवाल और पथराव के बाद प्रिंस यादव पर FIR दर्ज हुई। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने 4 दोस्तों के साथ नेपाल के विराटनगर भाग गया।
- 3 जून: प्रिंस अपने दोस्तों के साथ नेपाल में घूमता रहा। शाम को स्थानीय नेपाली नागरिक तीर्थ यादव भी उनके साथ जुड़ गया। सभी ने विराटनगर बस स्टैंड के पास 'होटल मेट्रो सिटी' में कमरा लिया।
- 5 जून: प्रिंस ने सुरक्षा के लिहाज से होटल बदला और दोपहर 3 बजे 'होटल शुभम' के कमरा नंबर 102 में शिफ्ट हो गया।
- 13 जून: दिनभर कमरे में पार्टी चलती रही। शाम 6 बजे लड्डू यादव को छोड़कर बाकी सभी दोस्त जोगबनी चले गए। रात 10 बजे अचानक प्रिंस की तबीयत बेहद खराब हो गई। उसे आनन-फानन में न्यूरो हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- 14 जून: कोसी अस्पताल में महज 20 मिनट के अंदर प्रिंस का संदिग्ध पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस ने शक के आधार पर उसके 5 दोस्तों को हिरासत में लिया।
- 15 जून: पुलिस ने पांचों दोस्तों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
- 16 जून: नेपाल के रहने वाले तीर्थ यादव को कोर्ट से जमानत मिल गई, जबकि भारत से गए प्रिंस के चारों करीबी दोस्तों को पुलिस ने 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अब आगे क्या होगा?
प्रिंस यादव की मौत क्योंकि नेपाल में हुई है, इसलिए जांच और फॉरेंसिक प्रक्रिया भी वहीं के कानूनों के अनुसार चल रही है। विसरा जांच की रिपोर्ट नेपाल की प्रयोगशाला से आएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर परिवार रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होता तो वह राजनयिक और कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए आगे अपील कर सकता है। फिलहाल पूरा मामला विसरा रिपोर्ट के इंतजार में है।
प्रिंस यादव की मौत का रहस्य अभी पूरी तरह बरकरार है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण स्पष्ट करने के बजाय कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दोस्तों के बदलते बयान, हत्या के आरोप, जल्दबाजी में हुई जांच और विसरा रिपोर्ट का इंतजार इस केस को और संवेदनशील बना रहा है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज वही रिपोर्ट मानी जा रही है, जो यह तय करेगी कि प्रिंस की मौत के पीछे आखिर असली वजह क्या थी।














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