Israel Vs Trump: इजराइल ने ट्रंप को दिखाई आंख! नेतन्याहू के मंत्री बोले- अमेरिकी दबाव में नहीं हटेगी सेना
Israel Vs Trump: ईरान और अमेरिका के बीच हालिया समझौते के बाद जहां पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं, वहीं इजरायल ने एक बार फिर अपने सख्त रुख से नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी, चाहे उस पर अमेरिका का कितना भी दबाव क्यों न हो।
यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका वार्ता शुरू होने जा रही है। स्मोट्रिच के बयान को ट्रंप प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक खुली चुनौती माना जा रहा है।

Israel Lebanon Border Crisis: लेबनान से पीछे हटने को तैयार नहीं इजरायल
इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में मौजूद इजरायली सेना आने वाले कई सालों तक वहीं तैनात रह सकती है। उनका कहना है कि यह इलाका इजरायल की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। स्मोट्रिच ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक हिज्बुल्लाह पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ देता, तब तक सेना की वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। इस बयान ने संकेत दिया है कि इजरायल फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य रियायत देने के मूड में नहीं है।
ट्रंप और अमेरिका को दिया सीधा संदेश
स्मोट्रिच के बयान को अमेरिका के लिए भी एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद करेगा और किसी बाहरी दबाव में नहीं आएगा। उनका दावा है कि अमेरिका इजरायल की रेड लाइन्स को अच्छी तरह समझता है। हालांकि, यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी शांति की दिशा में कोशिशें कर रहा है। ऐसे में यह रुख अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों को चुनौती देता नजर आ रहा है।
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सुरक्षा क्षेत्र में स्थायी बेस बनाने की तैयारी
सिर्फ सैनिक तैनाती ही नहीं, बल्कि इजरायल अब दक्षिणी लेबनान में स्थायी सैन्य ढांचा खड़ा करने की भी बात कर रहा है। स्मोट्रिच के मुताबिक मौजूदा सीमा व्यवस्था इजरायल की सुरक्षा जरूरतों को पूरा नहीं करती। इसलिए सुरक्षा क्षेत्र में नए बेस और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह लेबनान में इजरायल की लंबे समय तक मौजूदगी का संकेत होगा। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्विट्जरलैंड में शुरू होने जा रही अहम वार्ता
दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू करने के लिए स्विट्जरलैंड में महत्वपूर्ण बातचीत शुरू होने जा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे हैं। बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में युद्धविराम, क्षेत्रीय सुरक्षा और समझौते के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। यह वार्ता पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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शांति की राह में नए तनाव बने चुनौती
हालांकि शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है, जबकि लेबनान में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव जारी है। ऐसे माहौल में स्मोट्रिच का बयान हालात को और जटिल बना सकता है। अब सबकी नजर स्विट्जरलैंड वार्ता पर है, क्योंकि वहीं से तय होगा कि क्षेत्र शांति की तरफ बढ़ेगा या फिर नए टकराव की तरफ।












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