कौन हैं यूपी की असिस्टेंट कमिश्नर श्रद्धा पांडेय, जो बनीं BPSC टॉपर, 2-2 एग्जाम में मचाया तहलका!
Shraddha Pandey: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम सामने आते ही एक नाम सुर्खियों में छा गया। यह नाम है श्रद्धा पांडेय (Shraddha Pandey) का, जिन्होंने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। खास बात यह है कि श्रद्धा कोई नई प्रतियोगी छात्रा नहीं हैं।
वह पहले से ही उत्तर प्रदेश सरकार में असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर कार्यरत हैं। सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच BPSC जैसी कठिन परीक्षा में टॉप करना उनकी मेहनत और लगन को दिखाता है। परिणाम घोषित होने के बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर श्रद्धा पांडेय कौन हैं, उनका शैक्षणिक सफर कैसा रहा और उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया।

प्रतापगढ़ की बेटी बनी BPSC टॉपर
श्रद्धा पांडेय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज क्षेत्र के पचरास गांव की रहने वाली हैं। गांव से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर ऐसी पहचान बनाई है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। वर्तमान में उनकी तैनाती लखनऊ में असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के रूप में है। अब BPSC में पहला स्थान हासिल करने के बाद उनके प्रशासनिक करियर को नई दिशा मिलने की संभावना है।
ये भी पढ़ें: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम! कौन हैं लेफ्टिनेंट शानन ढाका, NDA टॉपर को कहां मिली पहली पोस्टिंग?
श्रद्धा का परिवार शिक्षा और मेहनत को सबसे ज्यादा महत्व देता है। उनके पिता संतोष पांडेय पेशे से वकील हैं और खेती भी करते हैं। उनकी मां सुनीता पांडेय गृहिणी हैं। परिवार में दादा-दादी के अलावा दो बहनें और एक भाई भी हैं। बहन तान्या पांडेय MA की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि भाई अभिषेक पांडेय बीए के छात्र हैं।
गांव से शुरू हुई पढ़ाई
श्रद्धा की शुरुआती पढ़ाई रानीगंज के मनीष मेमोरियल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने संगम इंटरनेशनल स्कूल से इंटरमीडिएट पूरा किया। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश लिया। यहीं से उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की और आगे की तैयारी शुरू की। श्रद्धा ने बहुत पहले ही प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला कर लिया था। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी।
साल 2021 में इतिहास और अंग्रेजी साहित्य विषयों के साथ ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने पूरी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया।
पहले ही प्रयास में मिली बड़ी सफलता
बहुत कम उम्मीदवार ऐसे होते हैं जिन्हें पहले प्रयास में सफलता मिलती है। श्रद्धा उन चुनिंदा उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने शुरुआती प्रयास में ही यूपी पीसीएस परीक्षा पास कर ली थी। UPPSC संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 में उन्होंने EWS वर्ग में 153वीं रैंक हासिल की थी। इसी चयन के बाद उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर (जीएसटी) पद मिला।
BPSC में हासिल किए 593 अंक
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में श्रद्धा पांडेय ने कुल 593 अंक प्राप्त किए। यह स्कोर उन्हें मेरिट सूची में सबसे ऊपर ले गया। टॉप रैंक मिलने के बाद उन्हें बिहार प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि उन्हें एसडीएम पद मिल सकता है।
घर पर रहकर की तैयारी
श्रद्धा की सफलता की एक खास बात यह भी है कि उन्होंने अपनी तैयारी घर पर रहकर की। परिवार के अनुसार उन्होंने किसी तय फॉर्मूले का पालन नहीं किया, बल्कि अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार पढ़ाई की। वह रोजाना 10 से 14 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई का समय और तरीका दोनों उन्होंने खुद तय किया था ताकि वह पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी कर सकें।
पिता को फोन से मिली टॉप करने की खबर
श्रद्धा के पिता संतोष पांडेय को बेटी की सफलता की जानकारी सबसे पहले एक मित्र के फोन से मिली। उस समय उन्हें इस खबर पर तुरंत विश्वास नहीं हुआ। बाद में उन्होंने परिणाम देखा तो श्रद्धा का नाम पहले स्थान पर था। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
अभी और बड़े लक्ष्य पर नजर
परिवार का कहना है कि BPSC में टॉप करना श्रद्धा की मंजिल नहीं है। वह आगे भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखे हुए हैं। लगातार दो बड़ी सफलताएं हासिल करने के बाद अब उनकी पहचान उन युवा उम्मीदवारों में होने लगी है जो मेहनत, अनुशासन और धैर्य के दम पर अपने सपनों को सच करने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
ये भी पढ़ें: बहन को पति बनाने के लिए BPSC टीचर ने पार की सारी हदें! जेंडर बदल रचाई शादी, राहुल-नयनश्री की अनोखी लव स्टोरी












Click it and Unblock the Notifications