उत्तराखंड: मास्टर प्लान के तहत भव्य और दिव्य बनेगा बद्रीनाथ धाम
नई दिल्ली, 16 अप्रैल: उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम में से एक बद्रीनाथधाम (Badrinath Dham) में मास्टर प्लान (Master Plan) का काम शुरू हो गया है. जोकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ड्रीम प्रोजेक्ट बद्रीनाथ मास्टर प्लान (Badrinath Master Plan) के कामों को देखने के लिए उप सचिव मंगेश घिल्ड़ियाल बद्रीनाथ पहुंचे. जहां पर उन्होंने मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे विकास कामों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने बद्रीनाथ मन्दिर परिसर, माणा बाईपास, बद्रीश व शेष नेत्र झील, अलकनंदा नदी तटों, साकेत तिरहा, अस्पताल, बस स्टेशन एवं आसपास विभिन्न स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया.

दरअसल, उप सचिव मंगेश घिल्ड़ियाल ने बदरीनाथ पहुंचकर प्रस्तावित निर्माण कामों को लेकर जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारियों के साथ पूरी डिटेल लेकर बातचीत की. इसके अलावा समय को ध्यान में रखते हुए काम पूरे करने के साथ-साथ मैन पावर व मशीनें बढाने के निर्देश दिए. इस दौरान चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि पूरे प्रोजेक्ट के काम तीन चरणों में पूरे होने हैं, जिसमें पहले फेज के तहत लेक फ्रन्ट डेवलेपमेंट, रीवर फ्रन्ट डेवलमेंट, एराइवल प्लाजा, सिविक एमिनिटी सेंटर, लूप रोड, अस्पताल का विस्तारीकरण और बीआरओ रोड का काम प्रगति पर है. जबकि दूसरे चरण में बद्रीनाथ मुख्य मंदिर के आसपास साइड डेवलपमेंट और तीसरे चरण मे झील से मंदिर तक आस्था पथ एवं अन्य काम किए जाने है.
वहीं, गाबर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल स्वामी ने बताया कि शेष नेत्र और बद्रीश झील को एक बडी झील के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही इसके पास ही एक गार्डन बनाया जाएगा. जो लगभग अक्टूबर और नवंबर के बीच तैयार हो जाएगा.
हालांकि, चमोली डीएम ने उसके बाद श्री हेमकुण्ड जाने वाले गोविन्दघाट से पुलना सडक का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने अक्षीक्षण अभियन्ता बीएन गोदियाल को जहां सडक क्षतिग्रस्त है. उसको तुरंत दुरस्त करने और मैन पावर बढाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी अधूरे निर्माण कामों को पूरे किए जाएंगे.
केंद्र और राज्य सरकार के तमाम उच्च अधिकारी कर रहे मास्टर प्लान की समीक्षा
बता दें कि बद्रीनाथ धाम हिंदुओं का पवित्र तीर्थ है, जहां पर हर साल कपाट खुलने पर हजारों तीर्थ यात्री दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे लेकर केंद्र और उत्तराखंड सरकार लगातार मास्टर प्लान के प्रोजेक्ट पर नजर बनाए हुए है. केंद्र और राज्य सरकार के तमाम उच्च अधिकारी मास्टर प्लान की समीक्षा कर रहे हैं.इस दौरान एसडीएम कुमकुम जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, डीपीआईआईटी के राहुल अग्रवाल व ज्योतिका आईएनआई आर्किटेक्ट धर्मेश गंगानी, अधिशासी अभियन्ता लो.नि.वि विपुल सैनी, ईओ सुनील पुरोहित सहित लोनिवि एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.












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