अविनाश पांडेय बोले-BJP का बड़ा प्लान हुआ फेल, विश्वास मत जीती हेमंत सरकार
झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में एक बार फिर विश्वास मत हासिल किया है. कांग्रेस वरिष्ठ नेता अविनाश पांडेय नें बधाई दी और चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार
रांची,7 सितंबरःझारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में एक बार फिर विश्वास मत हासिल किया है. कांग्रेस वरिष्ठ नेता अविनाश पांडेय नें बधाई दी और चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार पर स्थिर सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है.

लोकतंत्र के लिए खतरे की घड़ी
कांग्रेस महसाचिव और झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय नें कहा, 'मैं बधाई देना चाहूंगा, विधानसभा में यूपीए के गठबंधन के जितने भी विधायक हैं. उन्होंने हर प्रकार के परिस्थितियों का सामना करते हुए विश्वासमत बहुमत से पास किया. लोकतंत्र के लिए खतरे की घड़ी है जिस दौर से हम गुजर रहे हैं और जिन राज्यों में भी गैर भाजपाई सरकार है वहां जिस प्रकार से स्थिर सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयत्न कर रही है. यह बहुत चिंता की बात है.' आगामी में इस तरह की घटनाओं को लेकर हमारे विधायक सजक रहेंगे, जिम्मेदारी और एकता का परिचय देते हुए इसका जवाब देंगे.
'निर्णय आने के बाद तय करेंगे रणनीति'
इसके साथ ही उन्होंने हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की सदस्यता पर कहा, 'महामहिम से बार बार गुजारिश की जा रही है कि जो भी निर्णय हो वह कानून तहत चुनाव आयोग (Election Commission) के माध्यम से जो उन्हें आया हुआ है उसकी वह घोषणा करें. जिस दिन इसपर फैसला आएगा जीतने भी घटक दल है वो एकत्र बैठकर आगे की रणनीति करेंगे.'
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'भाजपा की साजिशों का जवाब देने, लोकतंत्र को बचाने और राज्य की सवा तीन करोड़ जनता को संदेश देने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है.'
उन्होंने कहा जब से उनकी सरकार ने शपथ ली है, तभी से भाजपा दूसरी पार्टी के विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिशों मे जुटी है. सीएम ने विश्वास प्रस्ताव पर अपने भाषण के दौरान झारखंड के राज्यपाल और चुनाव आयोग पर भी हमला बोला.
उन्होंने कहा कि राज्य के यूपीए नेताओं ने जब चुनाव आयोग से आये पत्र पर स्थिति साफ करने का आग्रह किया तो उन्होंने एक-दो दिनों में निर्णय लेने की बात कही, लेकिन इसके अगले ही दिन पिछले दरवाजे से दिल्ली निकल गये.
उन्होंने झारखंड विधानसभा (Jharkhand Vidhan Sabha) के भाजपा विधायक समरी लाल के बारे में कहा कि वह फर्जी सर्टिफिकेट पर विधान बनकर बैठे हुए हैं, लेकिन उसपर चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है.












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