आंध्र प्रदेश: फर्जी वोटों पर लगाम कसने के लिए पूर्व मंत्री और विधायकों ने वोटर कार्ड-आधार लिंक करने की मांग की
आंध्र प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी के पूर्व मंत्री, विधायकों और एमएलसी ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार मीना से फर्जी मतदान पर अंकुश लगाने के लिए वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने की मांग की।

टीडीपी पर लगया ये आरोप
पूर्व मंत्री पेर्नी वेंकटरमैया (नानी), वेल्लमपल्ली श्रीनिवास, विधायक के अनिलकुमार यादव, मल्लादी विष्णु और एमएलसी एम अरुणकुमार अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि टीडीपी सरकार के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटर शामिल किए गए थे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वाईएससीआरपी ने 2019 के दौरान इसके खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी।
एक वोटर के पास एक से अधिक हैं आईडी
पूर्व मंत्री पेर्नी ने बताया कि आंध्र प्रदेश 59 लाख लोगों के पास 2019 के दौरान मामूली बदलाव के साथ दो या तीन से अधिक वोटर आईडी हैं । उन्होंने दावा अब 40 लाख फर्जी वोट मौजूद हैं, जिनमें 16 लाख लोगों के दो या तीन स्थानों के वोटर हैं।
मतदाता कार्ड को आधार से जोड़ने की अपील की
पूर्व मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मतदाता सूची में नामों के दोहराव को रोकने के लिए मतदाता कार्ड को आधार से जोड़ने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी सरकार ने सेवा मित्र ऐप का इस्तेमाल कर फर्जी वोटिंग का सहारा लिया और कहा वोटरों की संख्या में वृद्धि में कोई सच्चाई नहीं है।
पूर्व मंत्री ने लगाया ये आरोप
पूर्व मंत्री ने बताया कि 2019 के दौरान प्रदेश में वोटरों की संख्या 3,98,34,776 थी और जनवरी 2023 में मतदाताओं की संख्या 3,97,96,678 थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी और उसका समर्थन करने वाले मीडिया का कुछ वर्ग मतदाता सूची पर गलत प्रचार का सहारा ले रहे हैं।












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