Vaibhav Sooryavanshi की हुई टीम इंडिया में एंट्री, किसका कटा पत्ता? सेलेक्टर्स ने आखिरकार ले लिया बड़ा फैसला
Vaibhav Sooryavanshi debut indian team: आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हुए अपने बल्ले से कोहराम मचाने वाले 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट जगत में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बने हुए हैं। टूर्नामेंट में रिकॉर्ड तोड़ 776 रन बनाने, 237 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने और 72 छक्के उड़ाकर ऑरेंज कैप (Orange Cap) अपने नाम करने वाले वैभव ने सीनियर नेशनल टीम का दरवाजा खटखटाया है। शनिवार को वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी-20 टीम में शामिल कर लिया गया।
चयनकर्ताओं ने दी खुशखबरी (Vaibhav Sooryavanshi debut indian team)
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा था। लेकिन उनकी एंट्री ने चयनकर्ताओं के सामने एक बड़ा चयन संकट खड़ा कर दिया। वैभव के अविश्वसनीय प्रदर्शन के बावजूद उन्हें प्लेइंग-11 या मुख्य स्क्वाड में जगह देना सेलेक्टर्स के लिए आसान नहीं था। इसके पीछे टीम कॉम्बिनेशन और भविष्य की योजनाएं मुख्य वजह थी। लेकिन आखिरकार वैभव को टीम में जगह मिल गई।

प्लेइंग इलेवन में कहां फिट होंगे वैभव?
अब भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस समय व्हाइट-बॉल क्रिकेट (टी-20 और वनडे) में भारत का टॉप और मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से सेटल है। टी20 फॉर्मेट में भारत के पास पहले से ही स्थापित और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले ओपनर्स और टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज मौजूद हैं। वैभव के आक्रामक अंदाज ने भले ही प्रभावित किया हो, लेकिन मौजूदा सीनियर खिलाड़ियों को अचानक बाहर करना नाइंसाफी होगी। ऐसे में वैभव को शुरुआती कुछ मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना पड़ सकता है।
वनडे में भी प्रयोग की गुंजाइश कम
वनडे फॉर्मेट की स्थिति भी अलग नहीं है। वहां भी मध्यक्रम में इन-फॉर्म खिलाड़ियों की लंबी कतार है, जिससे नए प्रयोगों के लिए अवसर बेहद सीमित हो जाते हैं। चयन समिति केवल वर्तमान आईपीएल फॉर्म के आधार पर भावुक होकर फैसला नहीं ले रही है, बल्कि उनका ध्यान लंबे समय में आने वाले बड़े-बड़े टूर्नामेंटों पर है। सेलेक्टर्स की नजरें आगामी आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट्स और 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक चक्र पर टिकी हैं।
मैनेजमेंट का मानना है कि वैभव जैसे असाधारण टैलेंट को टीम में कोई अस्थायी स्थान देने के बजाय, उन्हें सही समय और सही पोजीशन पर मौका दिया जाए। जल्दबाजी में टीम में शामिल करने और फिर ड्रॉप करने से युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें थोड़ा इंतजार कराने की रणनीति पर भी विचार चल रहा है।















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