CJP Delhi Protest: कॉकरोच जनता पार्टी क्या राजनीतिक एंट्री करेगी? सीजेपी प्रवक्ता विजेता दहिया ने बताया रोडमैप
CJP Spokespersons Exclusive Interview: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का 'Gen Z' आंदोलन इस समय देश का सबसे बड़ा सियासी और सामाजिक हॉट टॉपिक बन चुका है। सोशल मीडिया के डिजिटल स्पेस से निकलकर सड़क पर उतरे इस अभूतपूर्व छात्र सैलाब के बीच, हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है-क्या CJP भविष्य में एक आधिकारिक राजनीतिक पार्टी का रूप लेगा?
इस बड़े सवाल, आंदोलन के भविष्य और पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहे 'फेक न्यूज प्रोपेगेंडा' को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया और सौरभ दास ने Oneindia Hindi से एक्सक्लूसिव बातचीत की।

इस खास बातचीत में प्रवक्ताओं ने साफ किया कि यह आंदोलन किसी भी स्थापित राजनीतिक दल की तरह काम नहीं करता, बल्कि इसकी चाल और रणनीति पूरी तरह 'अनप्रिडिक्टेबल' (जिसका अंदाजा न लगाया जा सके) है।
CJP Spokespersons Saurabh Das: 'पिछले 4 दिनों से पानी पी-पीकर चलाया गया हमारे खिलाफ प्रोपेगेंडा'
जंतर-मंतर पर मिल रहे जमीनी समर्थन से उत्साहित CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने 'Oneindia' से बात करते हुए विरोधियों और मुख्यधारा के कुछ हिस्सों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आंदोलन को बदनाम करने की कोशिशों का पर्दाफाश करते हुए कहा-"हमें मैदान पर जैसा रिस्पांस मिलने की उम्मीद थी, बिल्कुल वैसा ही शानदार रिस्पांस मिल रहा है। आप लोगों को भी अच्छी तरह पता है कि पिछले तीन-चार दिनों से कुछ ताकतें पानी पी-पीकर हमारे खिलाफ एकदम घटिया स्तर का प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज (झूठी खबरें) चला रही थीं। इस पूरे मूवमेंट के अराउंड एक नेगेटिव नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई, ताकि युवा डर जाएं। लेकिन देश का युवा समझदार है, वह बहकावे में नहीं आया।"
देश के हर युवा का स्वागत, पर शर्त सिर्फ एक...
सौरभ दास ने आगे कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या विचारधारा का मंच नहीं है। "यह एक पूरी तरह से ओपन मूवमेंट (खुला आंदोलन) है, जो किसी भी बाहरी राजनीतिक दल या संगठन से प्रेरित नहीं है। यह विशुद्ध रूप से आज की युवा पीढ़ी यानी 'जेन ज़ी' (Gen Z) का प्रोटेस्ट है।
जो कोई भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना चाहता है, उसका यहां दिल से स्वागत है। शर्त बस इतनी है कि प्रदर्शन पूरी तरह अहिंसक और पीसफुल होना चाहिए। अगर आप खुद परीक्षाओं से प्रभावित नहीं भी हैं, तब भी आपके दोस्त या देश के अन्य छात्र इससे प्रभावित हैं, उनके समर्थन में देश के युवाओं को आगे आना ही होगा।"
राजनीतिक एंट्री पर विजेता दहिया का बड़ा बयान: 'AAP से जोड़ कर प्रोपेगेंडा न फैलाएं'
जब 'Oneindia' ने CJP प्रवक्ता विजेता दहिया से सीधा सवाल किया कि क्या इस भारी जनसमर्थन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी खुद को चुनाव आयोग में एक राजनीतिक दल के रूप में रजिस्टर करेगी? तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ऐसा कुछ भी अभी पक्का नहीं है। भविष्य में राजनीतिक पार्टी बन भी सकती है और नहीं भी बन सकती, लेकिन फिलहाल यह हमारे एजेंडे या प्लान का हिस्सा बिल्कुल नहीं है। हमारा मानना है कि देश के युवाओं को राजनीति में आना चाहिए, लेकिन अभी हम उस दिशा में नहीं सोच रहे हैं।
सिद्धार्थ पुरोहित के सवालों का जवाब देते हुए विजेता दहिया ने कहा- इतिहास में बहुत सारे आंदोलन हुए हैं, जैसे महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन था। तो क्या हर आंदोलन राजनीतिक दल बनने के लिए होता है? लोग मेरी पुरानी तस्वीरों के माध्यम से मुझे 'आम आदमी पार्टी' (AAP) से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं, जबकि मैं कभी 'आप' की मेंबर नहीं रही। जब वह पार्टी बनी थी, तो एक नागरिक के तौर पर मुझे उनसे उम्मीदें जरूर थीं, लेकिन आज हमारा ध्यान इन फालतू के प्रोपेगेंडा पर नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो क्या? जानिए CJP का 'कॉकरोच स्टाइल प्लान'
विजेता दहिया ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान NEET और CBSE गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि इसका स्वरूप बदल जाएगा।
आंदोलन की आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सोशल मूवमेंट है। सीजेपी इसे किसी चुनावी महत्वाकांक्षा के बजाय एक सामाजिक आंदोलन के रूप में ही आगे बढ़ाएगी। विजेता दहिया ने एक बेहद दिलचस्प बात कही, अगर इस्तीफा नहीं आता है, तो हमारी मांगें जारी रहेंगी और हमारी आगे की रणनीति धीरे-धीरे 'कॉकरोचेस के स्टाइल' में चलेगी। कॉकरोच बहुत अनप्रिडिक्टेबल होते हैं, उन्हें आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता और वे किसी भी परिस्थिति में सर्वाइव करना जानते हैं। हमारी रणनीति भी वैसी ही अनप्रिडिक्टेबल होगी।
स्पेशल गेस्ट को आमंत्रण नहीं, यह युवाओं का मंच है
जब प्रवक्ताओं से पूछा गया कि देश की किन-किन बड़ी राजनीतिक या सामाजिक हस्तियों को इस विरोध प्रदर्शन के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित (Invite) किया गया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक तरीके से किसी को वीआईपी कार्ड नहीं भेजा गया है।
CJP प्रवक्ताओं के अनुसार, यह मंच किसी नेता को चमकाने के लिए नहीं है। जो भी हस्तियां जैसे सोनम वांगचुक या प्रकाश राज इस आंदोलन का समर्थन कर रही हैं, वे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर युवाओं और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए खुद आगे आई हैं। यह आंदोलन किसी खास चेहरे के दम पर नहीं, बल्कि देश के उन लाखों छात्रों के दम पर चल रहा है जिनका भविष्य दांव पर लगा है।
सिद्धार्थ पुरोहित के इनपुट के साथ














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