शैक्षणिक संस्थानों के विलय पर नाराज चंद्रबाबू नायडू, सरकार पर लगाया मैनेजमेंट को परेशान करने का आरोप
विजयवाड़ा, अक्टूबर 27। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य सरकार पर शैक्षणिक संस्थानों को मिल रही सहायता को कैंसिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सरकार की शिक्षा विरोधी नीति का छात्रों और अभिभावकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया है कि सरकार सहायता प्राप्त संस्थानों के प्रबंधन को परेशान कर रही है जो अपनी संपत्ति उसे नहीं सौंप रहे हैं। टीडीपी प्रमुख ने मांग ने की है कि राज्य सरकार GO 42 को तुरंत वापस ले। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी को सदियों पुरानी सहायता प्राप्त संस्थानों और वहां पढ़ने वाले गरीब छात्रों के भविष्य को नष्ट करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के साथ सहायता प्राप्त संस्थानों का विलय अत्यधिक निंदनीय और अनावश्यक था।
नायडू ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक वर्ष में पहले ही दो महीने से अधिक की देरी हो चुकी है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री को बिना किसी रुकावट के पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रखना सुनिश्चित करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संस्थानों के विलय से छात्रों और उनके अभिभावकों पर असहनीय दबाव पड़ रहा है। टीडीपी प्रमुख ने इसे अनुचित और आपत्तिजनक करार दिया कि सरकार ने शैक्षणिक वर्ष के मध्य में विलय का मुद्दा उठाया।












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