क्या पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद राजस्थान कांग्रेस को सता रहा 'बुलडोजर' का डर?
जयपुर, 19 मार्च। सियासत में इन दिनों बुलडोजर की खूब चर्चा है. उत्तर प्रदेश में बुलडोजर जमकर गरजा और भाजपा के हाथों में सत्ता बरकरार रही. अब मरुधरा में भी बुलडोजर का डर सता रहा है. प्रदेश में सत्तारुढ़ कांग्रेस बुलडोजर से सहमी हुई है और ये खौफ कांग्रेस नेताओं के बयान में नजर भी आ रहा है.

मिशन 2023 पूरा करने में बुलडोजर बड़ी बाधा बन सकता है, इसकी आशंका कांग्रेस को सता रही है. अब कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि जो भी पार्टी गलत करती है, जनता को उसका विरोध करना चाहिए. भाजपा सरकार ने ना अच्छा बजट दिया और ना अच्छे काम किए, लेकिन फिर भी वो ज्यादा वोट ले गई.
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास कह रहे हैं कि भाजपा ने नाटकबाजी के भरोसे ज्यादा वोट ले लिए, लेकिन राजस्थान में यह फॉर्मूला कारगर साबित नहीं होगा. उनका कहना है कि बुलडोजर से कुचलने की भाजपा की भाषा सही नहीं है. राजस्थान वीरों की धरती है और यहां बुलडोजर से डराया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग दहशत का माहौल बनाकर दंगे करवाना चाहते हैं.
अब मैदान में होगी मशक्कत
कांग्रेस को लगता है कि मरुधरामें लोग राज्य सरकार के कामकाज से खुश हैं और भाजपा के मंसूबों को नाकाम कर फिर से कांग्रेस की सरकार बनवाएंगे. खास तौर से हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर कांग्रेस उत्साहित है, लेकिन जनता का मिजाज अन्दर ही अन्दर कांग्रेस की चिन्ता भी बढ़ा रहा है.
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम से कांग्रेस को बड़ा धक्का लगा है और अब मिशन 2023 की राह ज्यादा आसान नहीं है. यही वजह है कि कांग्रेस अब ज्यादा दमदारी के साथ मैदान में उतरेगी. हाल ही में कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर सभी मंत्रियों को आम जनता के लिए अपना दरवाजा खुला रखने और जनता के बीच जाने के निर्देश दिए हैं.
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि राज्य सरकार की इतनी सारी योजनाएं और काम है कि उन्हें याद रखना भी मुश्किल है. अब कांग्रेस मैदान में उतर कर सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएगी. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खून-पसीना बहाएंगे लेकिन भाजपा की पॉलिटिक्स को कामयाब नहीं होने देंगे.
कांग्रेस की चिन्ता इस बार इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि आम आदमी पार्टी का दायरा बढ़ रहा है. आम आदमी पार्टी विकल्प के रूप में तैयार हुई तो वर्तमान हालातों में इसका ज्यादा नुकसान कांग्रेस को ही होता नजर आ रहा है. ऐसे में अब कांग्रेस को मरुधरा में भी आत्मचिंतन की जरूरत पड़ती नजर आ रही है.












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