पंजाब के स्कूलों में होंगी 14 हजार पदों पर भर्तियां, 33 करोड़ का फंड जारी

पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को हर साल मिलने वाली ऐच्छिक निधि को घटाकर आधा कर दिया है।

भगवंत मान

पंजाब कैबिनेट की बैठक में स्कूलों की साफ-सफाई और सुरक्षा समेत चार बड़े फैसलों पर मोहर लगी। इसके तहत प्रदेश के स्कूलों की साफ-सफाई, सुरक्षा और मैनेजमेंट के लिए एमएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के जरिए भर्ती की जाएगी। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। इस संबंध में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के करीब 14 हजार लोगों को नौकरी मिल सकेगी। पंजाब में पहली बार सफाई सेवक और चौकीदार नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए स्कूल मैनेजमेंट के स्तर पर ही नियुक्तियां की जाएंगी। अध्यापकों से केवल टीचिंग का काम लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भर्ती बैकडोर एंट्री नहीं बल्कि पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

ऐच्छिक नीति हुई आधी, मंत्री खर्च कर सकेंगे सिर्फ 1.50 करोड़

पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को हर साल मिलने वाली ऐच्छिक निधि को घटाकर आधा कर दिया है। इस फैसले के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान अब सीएम पांच करोड़ और कैबिनेट मंत्री 1.50 करोड़ रुपये खर्च कर सकेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री को ऐच्छिक ग्रांट के रूप में 10 करोड़ और कैबिनेट मंत्रियों को तीन करोड़ रुपये जारी होते थे।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में मौजूदा बुनियादी ढांचे, वातावरण में सुधार और गरीबों की प्राथमिक जरूरतों की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों की तरफ से ऐच्छिक ग्रांटों के वितरण के लिए नीति को मंजूरी दे दी गई। जनप्रतिनिधि ऐच्छिक ग्रांट की राशि का उपयोग अपने हलकों और राज्य के विभिन्न विकास कार्यों में कर सकते हैं।
दिसंबर 2022 तक मौजूदा सरकार के नौ माह के कार्यकाल के दौरान ऐच्छिक फंड के तहत कोई राशि जारी नहीं की गई। खजाना विभाग हर साल ऐच्छिक ग्रांट के लिए प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को तीन करोड़ और मुख्यमंत्री को 10 करोड़ रुपये पंचायत विभाग के मार्फत जारी करता था। पंचायत विभाग द्वारा ग्रांट की रकम मंत्रियों के संबंधित हलकों के डीसी को जारी की जाती है, जिसे मंत्रियों के निर्देशानुसार डीसी की ओर से खर्च किया जाता है।

प्रिंसिपलों की सीधी भर्ती के नियमों में बदलाव को मंजूरी
पंजाब कैबिनेट ने पंजाब एजुकेशनल सर्विस (स्कूल एंड इंस्पेक्शन जनरल कैडर) ग्रुप ए सर्विस नियम, 2018, पंजाब एजुकेशनल सर्विस (स्कूल एंड इंस्पेक्शन बार्डर एरिया ग्रुप ए सर्विस नियम, 2018), पंजाब ऐजुकेशनल सर्विस (स्कूल एंड इंस्पेक्शन जनरल काडर) ग्रुप बी सर्विस नियम, 2018 और पंजाब ऐजुकेशनल सर्विस (स्कूल एंड इंस्पेक्शन बार्डर एरिया ग्रुप बी सेवा नियम, 2018) में संशोधन को मंजूरी दी।

इसके तहत प्रिंसिपल और हेड मास्टरों के पदों के लिए सीधी भर्ती के लिए योग्यता में बदलाव किए गए हैं। इसमें कृषि मास्टर, पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल और हेड मास्टरों की सीधी भर्ती के पदों के लिए अभ्यर्थी आवेदन कर सकें। गौर हो कि पंजाब में 2018 से पहले प्रिंसिपलों की भर्ती के लिए 75 प्रतिशत प्रोमोशन और 25 प्रतिशत सीधे तौर पर भर्ती का नियम था, जिसे सरकार ने 2018 में संशोधित कर 50-50 प्रतिशत कर दिया। शिक्षक संघ पहले की तरह ही नियम चाहते हैं। कैबिनेट में शुक्रवार को इन नियमों में बदलाव को मंजूरी प्रदान की गई।
स्कूल प्रबंधन कमेटियों में शामिल होंगे समाज सेवक व शिक्षा शास्त्री
बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा नियम, 2011 के नियम 13 के उप नियम 4 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस फैसले से स्कूल प्रबंधन कमेटियों में दो और सदस्य शामिल किए जा सकेंगे, जो संबंधित स्कूलों में शिक्षा प्रणाली को सुचारु बनाने के लिए सुझाव देंगे।

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