गौतम अदाणी का 64वां जन्मदिन: रक्तदान की महामुहिम में बना 52,306 यूनिट का नया कीर्तिमान
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के 64वें जन्मदिन के मौके पर अदाणी फाउंडेशन ने देश के सबसे बड़े स्वैच्छिक रक्तदान अभियानों में से एक का आयोजन किया। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम के तहत भारत और विदेशों में 750 से अधिक जगहों पर कैंप लगाए गए, जहां रिकॉर्ड 52,306 यूनिट रक्त जुटाया गया।

बीते 24 जून को आयोजित यह पहल 21 राज्यों, पांच केंद्र शासित प्रदेशों और चार अंतरराष्ट्रीय लोकेशनों के कुल 754 शहरों, कस्बों और गांवों तक पहुंची। इस साल के अभियान ने पिछले साल के 28,090 यूनिट के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
"सेवा ही साधना है" के संकल्प के साथ आयोजित इस ड्राइव में हजारों रक्तदाताओं और 6,000 से अधिक वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। इनमें अदाणी ग्रुप के कर्मचारियों के साथ-साथ डॉक्टर्स, पैरामेडिक्स और प्रशासनिक स्टाफ शामिल रहा। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए देशभर के 764 से ज्यादा ब्लड बैंकों, रेड क्रॉस केंद्रों, सरकारी अस्पतालों और ट्रस्ट द्वारा संचालित ब्लड बैंकों का सहयोग लिया गया।
अदाणी फाउंडेशन के मुताबिक, इकट्ठा किया गया 52,306 यूनिट रक्त (लगभग 23,538 लीटर) करीब 1.56 लाख मरीजों के काम आएगा। इस दान किए गए रक्त और इसके घटकों—जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, पैक्ड रेड सेल्स और फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा—का उपयोग इमरजेंसी इलाज, बड़ी सर्जरी, कैंसर केयर और मैटरनल हेल्थकेयर जैसी गंभीर चिकित्सा सेवाओं में किया जाएगा।
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने सोशल मीडिया पर इस सामूहिक प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज सेवा के प्रति गौतम अदाणी के अटूट विश्वास का प्रतीक है। डॉ. प्रीति अदाणी ने लिखा, "गौतम के 64वें जन्मदिन पर उनके 'सेवा ही साधना है' के विचार को अदाणी परिवार ने इस मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के जरिए हकीकत में बदला है। मैं इसमें शामिल होने वाले हर सदस्य और मेडिकल प्रोफेशनल का आभार व्यक्त करती हूं। उनका यह योगदान हजारों मरीजों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद और ताकत बनेगा।"
बता दें कि इस वार्षिक रक्तदान अभियान की शुरुआत साल 2011 में महज 1,300 यूनिट के साथ हुई थी। बीते वर्षों में यह मुहिम कर्मचारियों, पार्टनर्स और स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ देश की सबसे बड़ी स्वैच्छिक रक्तदान पहलों में से एक बन गई है।
अदाणी फाउंडेशन का कहना है कि यह अभियान सामाजिक विकास और जन कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ों से इतर, यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सामूहिक एकजुटता और सेवा भाव की अहमियत को रेखांकित करती है।
1996 में स्थापित अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्थायी आजीविका, जलवायु परिवर्तन और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। वर्तमान में यह फाउंडेशन 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गांवों और शहरी वार्डों में काम कर रहा है, जिससे देश भर में करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।












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