बिना किसी ट्यूशन के कृषिव ने रच दिया इतिहास, CBSE री-इवैल्युएशन में बढ़े कितने नंबर की बन गए टॉपर?
Krishiv Achyut Dani: बोर्ड परीक्षा के नतीजे आने के बाद ज्यादातर छात्र अपने अंकों को अंतिम मान लेते हैं, लेकिन कई बार कॉपियों की दोबारा जांच पूरी तस्वीर बदल सकती है। गुजरात के अहमदाबाद से सामने आई एक ऐसी ही कहानी इस समय चर्चा में है। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्युएशन के बाद एक छात्र ने न सिर्फ अपने अंक बढ़ाए, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैंक भी हासिल कर ली।
एशिया इंग्लिश स्कूल के छात्र कृषिव अच्युत दानी ने दोबारा मूल्यांकन के जरिए ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों दोनों का ध्यान खींचा है। उनके अंकों में हुआ बड़ा बदलाव यह भी दिखाता है कि यदि किसी छात्र को अपनी मेहनत पर भरोसा है, तो री-चेकिंग का विकल्प उसके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

री-इवैल्युएशन के बाद बदली तस्वीर
सीबीएसई ने 13 मई को जब 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी किया था, तब कृषिव दानी के कुल 481 अंक आए थे। हालांकि उन्हें महसूस हुआ कि कुछ विषयों में उनके अंक अपेक्षा से कम हैं। इसी वजह से उन्होंने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया। दोबारा जांच पूरी होने के बाद जारी संशोधित परिणाम में उनके अंक बढ़कर 499 हो गए। इस स्कोर के साथ उन्होंने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए और कॉमर्स स्ट्रीम में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
चार विषयों में पूरे 100 अंक
संशोधित मार्कशीट में कृषिव को अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, एंटरप्रेन्योरशिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 100 में से 100 अंक मिले। इंग्लिश कोर में उन्होंने 99 अंक हासिल किए। इन अंकों की बदौलत उनका कुल स्कोर लगभग परफेक्ट बन गया और वे देश के सबसे ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों में शामिल हो गए।
बिना कोचिंग हासिल की सफलता
कृषिव की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान या निजी ट्यूशन की मदद नहीं ली। उन्होंने अपनी तैयारी मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए की। बोर्ड परीक्षा के दौरान वह रोज करीब दो से तीन घंटे पढ़ाई करते थे। नियमित अभ्यास और तय समय पर पढ़ने की आदत ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।
कृषिव ऐसे परिवार से आते हैं जहां शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता है। उनके माता-पिता दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। परिवार के इसी माहौल का असर उनकी पढ़ाई पर भी दिखाई देता है। फिलहाल वह सीए प्रोग्राम की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही भविष्य में उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपना कारोबार खड़ा करने का सपना भी देखते हैं।
स्कूल में खुशी का माहौल
कृषिव की उपलब्धि के बाद स्कूल में उत्साह का माहौल है। शिक्षकों ने उनकी मेहनत और अनुशासन की सराहना की है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि यह सफलता दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। कई छात्रों ने भी उनकी तैयारी के तरीके को जानने में रुचि दिखाई है।
छात्रों के लिए बड़ा संदेश
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला उन छात्रों के लिए बड़ा उदाहरण है जो अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होते, लेकिन दोबारा जांच के लिए आवेदन करने में संकोच करते हैं। कृषिव दानी के अंकों में आया बड़ा बदलाव यह दिखाता है कि अगर किसी छात्र को अपने प्रदर्शन पर भरोसा है, तो री-इवैल्युएशन का विकल्प उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। साथ ही यह मामला मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की संभावना को भी सामने लाता है।
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