बांग्लादेश को हराने के बावजूद भारत की फजीहत, टीम इंडिया के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड
IND vs BAN: मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण और नॉकआउट जैसे मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फील्डिंग का बेहद शर्मनाक स्तर देखने को मिला। बांग्लादेश के खिलाफ करो या मरो के इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं। हालांकि टीम इंडिया ने इस मैच में बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया।
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखने के इरादे से उतरी हरमनप्रीत कौर की सेना ने मैच के पहले छह ओवरों यानी पावरप्ले के दौरान ही विरोधी टीम को एक या दो नहीं, बल्कि पूरे चार जीवनदान दे डाले। भारतीय फील्डर्स के इस लचर प्रदर्शन को देखकर डगआउट में बैठे मुख्य कोच अमोल मुजुमदार भी बेहद गुस्से में नजर आए।

महज ग्यारह गेंदों के भीतर भारतीय टीम ने टपकाए चार आसान कैच
भारतीय टीम की इस खराब फील्डिंग की शुरुआत पारी के तीसरे ओवर में हुई जब श्री चरणी की गेंद पर विकेटकीपर यास्तिका भाटिया ने बांग्लादेशी ओपनर जुएरिया फिरदौस का एक आसान सा कैच छोड़ दिया। इसके ठीक अगले ओवर में अनुभवी फील्डर राधा यादव ने डीप मिडविकेट पर एक सीधा और बेहद साधारण कैच अपने हाथों से टपका दिया।
खराब फील्डिंग का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा और पांचवें ओवर में तो हद ही हो गई जब युवा खिलाड़ी नंदनी शर्मा ने लगातार दो गेंदों पर दो अलग-अलग बल्लेबाजों के कैच छोड़ दिए। इस तरह भारतीय टीम ने मैच के पावरप्ले के दौरान महज 11 गेंदों के भीतर चार बेहद आसान और सीधे कैच छोड़कर विरोधी टीम को मैच में हावी होने का मौका दिया।
लगातार दो मैचों में खराब फील्डिंग
दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट के इतिहास में यह केवल दूसरी बार हुआ है जब किसी टीम ने पावरप्ले के भीतर चार कैच छोड़े हों। इससे पहले भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में भी इसी तरह की खराब फील्डिंग की थी, जहां राधा यादव ने दो महत्वपूर्ण कैच टपकाए थे और टीम को हार झेलनी पड़ी थी। मैच में बांग्लादेश ने 8 विकेट पर 136 रन बनाए, टीम इंडिया ने 5 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।












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