Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

वेद पुराण ,उपनिषद, वेदांग में क्या है अंतर ? स्वामी मुकुंदानंद ने दिया ये जवाब

Vedas, Puranas and Upanishads: सनातन केवल एक धर्म नहीं बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जिसका अर्थ ही है 'शाश्वत' यानी कि जो सदैव था और सदा ही रहेगा। यह कोई समय-विशिष्ट पंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की एक शैली है, जिसके आधार हैं वेद, पुराण और उपनिषद, ये कहना है स्वामी मुकुंदानंद का।

जिन्होंने ने कहा कि ' ये तीनों ही ग्रंथ अत्यंत प्राचीन, गूढ़ और आध्यात्मिक ज्ञान से भरपूर हैं लेकिन इनकी प्रकृति, उद्देश्य और शैली एक-दूसरे से अलग है, जिसके बारे में हर किसी को जानना जरूरी है।'

Vedas Puranas and Upanishads

उन्होंने कहा कि अक्सर लोगों के दिमाग में ये सवाल आता है कि परम सत्य क्या है? सनातन धर्म कहता है कि परम सत्य का ज्ञान ऊपर से नीचे की ओर बहता है, जैसे कि नदी बहती है। हमारे धर्म में अनेक शास्त्र हैं, जो सरल ढंग से बताते हैं कि वाकई में परम सत्य क्या है? जिनमें सबसे पहला नंबर आता है 'वेदों' का।'

'वेद' क्या हैं? (What is Vedas)

'वेद' शब्द संस्कृत के 'विद्' धातु से बना है, जिसका अर्थ है - 'जानना'। वेदों को 'श्रुति ग्रंथ' कहा जाता है क्योंकि ये ऋषियों ने ईश्वर से श्रवण (श्रुति) द्वारा प्राप्त किए थे। वेद चार हैं - ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, और अथर्ववेद। जो कि ये धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रों, यज्ञ विधियों, देवताओं की स्तुति पर आधारित हैं।

वेदांग की संख्या 6 है

इसके बाद नंबर आता है वेदांग का, जिनकी संख्या 6 है। जिनके नाम हैं शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरूक्ति , छंद और ज्योतिष

शिक्षा का क्या अर्थ है?

शिक्षा में मंत्र के उच्चारण के नियम हैं, इसमें स्वरों, व्यंजनों, मात्रा, संधि, स्वराघात आदि का वर्णन होता है।

कल्प में संस्कारों का वर्णन

जबकि कल्प में वर्णित यज्ञों, पूजा-पद्धतियों और संस्कारों का वर्णन होता है, जिसे कि चार भागों में विभाजित किया जा सकता है।

  • श्रौतसूत्र (वेदिक यज्ञों का विवरण)
  • गृह्यसूत्र (गृहस्थ जीवन से जुड़े संस्कार)
  • धर्मसूत्र (नैतिक व सामाजिक नियम)
  • शुल्बसूत्र (यज्ञ मंडलों का गणितीय मापन)

व्याकरण में यह शब्दों और वाक्यों के सही प्रयोग और व्याकरण के नियमों को स्पष्ट करता है, जबकि निरुक्त यह कठिन वेद शब्दों के अर्थ बताने वाला शास्त्र है। जबकि छंद में मत्रों के उच्चारण के स्वरों का ज्ञान होता है। ज्योतिष खगोलीय गणनाओं का शास्त्र है, जो भूतकाल, वर्तमान और भविष्य की बातें करता है।

उपवेद में अलौकिक और सांसरिक ज्ञान

इसके बाद आता है 'उपवेद', जिसमें अलौकिक और सांसरिक ज्ञान है जो कि भौतिक विज्ञान का समर्थन करना है। ऋुवेद का उपवेद है अर्थवेद, जिसमें अर्थ शास्त्र का ज्ञान आता है। यजुर्वेद का उपवेद है धनुवेर्द, जिसमें शास्त्र विद्या की बातें होती हैं। सामवेद का उपवेद हैं गांधर्व वेद, जिसमें गायन विद्या का सार है। तो वहीं अथर्ववेद का उपवेद है आयुर्वेद, जिसमें औषिधी के बारे में बताया जाता है।

दो इतिहास ग्रंथ

इसके बाद नंबर आता है दो इतिहास ग्रंथ, जिनका हमारी संस्कृति में बहुत प्रभाव है।इसमें से एक है 'रामायण' और एक है 'महाभारत'। जिन पर हमारी पूजा-पाठ आधारित हैं।

उपनिषद क्या हैं?

वेदों के अंतिम भाग होते हैं, जिन्हें वेदांत भी कहा जाता है। उपनिषदों की संख्या 108 मानी जाती है, जिनमें ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, तैत्तिरीय, छान्दोग्य, आदि प्रमुख हैं। उपनिषद 'श्रुति' का ही भाग होते हैं लेकिन इनका दृष्टिकोण दार्शनिक है।

पुराण क्या हैं?

प्रमुख पुराण हैं - श्रीमद्भागवत, विष्णु पुराण, शिव पुराण, गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण, देवी भागवत आदि।इनमें सृष्टि की उत्पत्ति, अवतारों की कथाएं, धर्म, नीति, तीर्थ, ब्रह्मांड विज्ञान, वंशावली और ऐतिहासिक घटनाएं वर्णित हैं।

कौन हैं स्वामी मुकुंदानंद ?

  • स्वामी मुकुंदानंद भारत के एक विश्व-प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु हैं।
  • स्वामी मुकुंदानंद का जन्म भारत के झारखंड राज्य में हुआ था।
  • स्वामी मुकुंदानंद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से इंजीनियरिंग और भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) कोलकाता से प्रबंधन की डिग्री प्राप्त की।
  • लेकिन सांसारिक मार्ग को छोड़कर उन्होंने आध्यात्मिकता की ओर रुख किया और जीवन को भगवान की सेवा में समर्पित कर दिया।
  • वो जगद्गुरु कृपालु योग (JKYog) संस्था के संस्थापक हैं, ये अमेरिका और भारत समेत कई देशों में कार्यरत है।
  • जो कि योग शिविर, चरित्र निर्माण व्यक्तित्व विकास की कार्यशालाएं, बाल संस्कार शिविर और निःशुल्क अस्पताल और स्कूल चलाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+