Vastu Tips : घरों में भूलकर भी न लगाएं पत्थर, होता है गृह स्वामी का नाश
नई दिल्ली, 11 मार्च। आजकल नए बनने वाले घरों में पत्थर लगाने का चलन बहुतायत में होने लगा है। ये भले ही मजबूती बढ़ाने और सुंदरता के लिए लगाए जाते हैं लेकिन प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र घरों में पत्थर लगाने की अनुमति नहीं देता। वास्तु शास्त्र के सिद्धांत कहते हैं कि घरों में पत्थर लगाने से गृह स्वामी का नाश होता है और घर में हमेशा अभाव और क्लेश बना रहता है। पत्थर केवल मंदिर, मठ और राजमहलों में लगाए जा सकते हैं। प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का उद्देश्य मनुष्य और उसके संपूर्ण परिवार को सुख-समृद्धि से भरपूर सुदीर्घ जीवन देना है। इसलिए छोटी-छोटी बातों के बारे में बारीकी से बताया गया है।

आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियम-
- गृह निर्माण सामग्री के बारे में कहा गया है किईट, लोहा, पत्थर, मिट्टी और लकड़ी ये सभी सामग्री नए मकान में नए ही लगाने चाहिए। एक मकान में उपयोग की गई लकड़ी दूसरे नए मकान में लगाने से गृह स्वामी को भयंकर पीड़ा होती है।
- मंदिर, मठ और राजमहल में पत्थर लगाना शुभ है, लेकिन घरों में पत्थर लगाना शुभ नहीं होता है। इससे गृह स्वामी का नाश होता है और पीड़ा बनी रहती है।
- पीपल, कदंब, नीम, बहेड़ा, आम, पाकर, गूलर, रीठा, वट, इमली, बबूल और सेमल के वृक्ष की लकड़ी घर बनाने के काम में नहीं लेनी चाहिए।
- घर की आग्नेय दिशा में वट, पीपल, सेमल, पाकर तथा गूलर का वृक्ष होने से पीड़ा और मृत्यु होती है। दक्षिण में पाकर वृक्ष रोग उत्पन्न करता है। उत्तर में गूलर होने से नेत्ररोग होता है। बेर, केला, अनार, पीपल और नीबू ये जिस घर में होते हैं उस घर की वृद्धि नहीं होती।
- Vastu Tips: घर का एनर्जी लेवल बढ़ाकर रह सकते हैं स्वस्थ और सुखी
- घर के पास कांटे वाले, दूधवाले तथा फल वाले वृक्ष हानि देते हैं।
- घर की साढ़ियां, खंभे, दरवाजे, खिड़कियों आदि की गणना इंद्र-काल-राजा इस क्रम से करें। यदि अंत में काल आए तो अशुभ समझना चाहिए।
- दिन के दूसरे और तीसरे पहर यदि किसी वृक्ष, मंदिर आदि की छाया मकान पर पड़े तो वह गृह के निवासियों में रोग उत्पन्न करती है।
- एक दीवार से मिले हुए दो मकान यमराज के समान होते हैं। इससे गृह स्वामी हमेशा पीड़ा में रहता है।












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