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Varuthini Ekadashi 2025 : वरूथिनी एकादशी आज, जानिए पूजा विधि और महत्व

Varuthini Ekadashi 2025 aaj Hai : वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में वरूथिनी एकादशी का व्रत पड़ता है, हर एकादशी की तरह ये एकादशी भी काफी पुण्यदायिनी मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन जो भी सच्चे मन से श्रीहरि की पूजा करता है, उसे सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति तो होती ही है, साथ ही सारे कष्ट का अंत भी हो जाता है।

'वरूथिनी' शब्द का अर्थ होता है "रक्षा करने वाली"। यह एकादशी विशेष रूप से मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए जानी जाती है। एकादशी का उपवास गुरुवार को यानी आज रखा गया है।

Varuthini Ekadashi 2025 Kab Hai

मालूम हो कि एकादशी तिथि की शुरूआत कल शाम 4.43 मिनट से हो गई थी, तो वहीं एकादशी का समापन आज दोपहर 2:32 मिनट पर होगा। उदयातिथि मान्य होने की वजह से एकदशी का उपवास आज रखा गया है।

वरूथिनी एकादशी की पूजा विधि (Varuthini Ekadashi 2025 Kab Hai)

  • प्रातः स्नान कर के व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने पीले वस्त्र पहनकर पूजा करें।
  • भगवान विष्णु को तुलसी, पंचामृत, फल और पीले पुष्प अर्पित करें।
  • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
  • श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • दिन भर व्रत रखें।
  • निर्जल या फलाहारी व्रत का पालन करें।

वरूथिनी एकादशी का महत्व (Varuthini Ekadashi)

  • इस दिन व्रत करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है।
  • पुराने पाप नष्ट होते हैं।
  • अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • यह व्रत राजा मान्धाता और पांडवों द्वारा भी किया गया था।

वरूथिनी एकादशी के दिन विष्णप चालीसा का पाठ जरूर करें

दोहा

  • विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
  • कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ।।

विष्णु चालीसा

  • नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।
  • प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ।।
  • सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।
  • तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ।।
  • शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।
  • सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ।।
  • सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।
  • सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ।।
  • पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बात करें।

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