Vaishakha Vrat Tyohaar List: वैशाख मास के व्रत-त्यौहारों की लिस्ट, कब है परशुराम जयंती?
Vaishakha Festivals-Vrat Tyohaar List: हिंदू पंचांग का दूसरा मास वैशाख 13 अप्रैल से प्रारंभ हुआ है। यह मास 12 मई तक चलेगा। वैशाख मास में भगवान विष्णु की पूजा आराधना का विधान है। इस महीने में भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्मोत्सव भी आता है।
इस महीने में अनेक ग्रह भी अपना राशि परिवर्तन करेंगे। वहीं वैशाख मास के पहले ही दिन सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही मलमास समाप्त हो गया है और मांगलिक कार्यों पर लगे प्रतिबंध हट गए हैं।

वैशाख मास के प्रमुख व्रत-त्योहार (Vaishakha Festivals-Vrat Tyohaar List)
- 16 अप्रैल- संकट चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 9:35
- 17 अप्रैल- श्री अनुसूईया जयंती
- 19 अप्रैल- ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ
- 21 अप्रैल- कालाष्टमी
- 23 अप्रैल- पंचक्रोशी यात्रा प्रारंभ
- 24 अप्रैल- वरूथिनी एकादशी, श्री वल्लभाचार्य जयंती
- 25 अप्रैल- प्रदोष व्रत
- 26 अप्रैल- मास शिवरात्रि व्रत
- 27 अप्रैल- वैशाखी अमावस्या पुण्य, श्री शुकदेव जयंती, पंचक्रोशी यात्रा पूर्ण
- 29 अप्रैल- चंद्र दर्शन
- 30 अप्रैल- श्री परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया
- 1 मई- श्री विनायक चतुर्थी व्रत
- 2 मई- श्री आद्य शंकराचार्य जयंती, श्री सूरदास जयंती
- 3 मई- श्री रामानुजाचार्य जयंती, श्री गंगा जन्म
- 5 मई- श्री दुर्गाष्टमी, श्री सीता नवमी, मातृलक्ष्मी, श्री बगलामुखी जयंती
- 8 मई- मोहिनी एकादशी व्रत
- 9 मई- प्रदोष व्रत
- 11 मई- नृसिंह जयंती
- 12 मई- सत्यव्रत वैशाखी पूर्णिमा व्रत, वैशाख स्नान पूर्ण, श्री कूर्म जयंती, श्री बुद्ध जयंती, जलकुंभदान
वैशाख में ग्रहों का राशि परिवर्तन (Vaishakha Festivals-Vrat Tyohaar List)
- 13 अप्रैल- शुक्र मार्गी प्रात: 6:35 से
- 14 अप्रैल- सूर्य मेष में रात्रि 3:20 से
- 22 अप्रैल- पंचक प्रारंभ रात्रि 12:31 से
- 26 अप्रैल- पंचक समाप्त रात्रि 3:39 पर
- 4 मई- रवि पुष्य प्रात: 5:56 से दोप 12:53 तक
- 8 मई- बुध मेष में प्रात: 4:07से
क्या करें वैशाख मास में (Vaishakha Festivals-Vrat Tyohaar List)
वैशाख मास में भगवान विष्णु को जल विहार करवाने का बड़ा महत्व है। इस महीने में सूर्य की तपन शीर्ष पर होती है। ऐसे में भगवान विष्णु को जल विहार करवाकर उन्हें शीतलता प्रदान की जाती है। इस महीने में शिवमंदिर में गलंतिका बांधी जाती है जिससे शिवलिंग पर लगातार जल बूंदें गिरती रहती हैं। इस महीने में प्याऊ लगवाना चाहिए। पशु-पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करना चाहिए। गरीबों, निशक्तों को जूते-चप्पल, छाता भेंट किया जाता है। वैशाख मास में जलकुंभ का दान करने से अनेक ग्रहों की शांति होती है।












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