CJP का 'दिल्ली चलो' ऐलान! 20 जून को जंतर-मंतर पर दूसरा बड़ा प्रदर्शन, सौरभ दास ने बताया पार्टी का प्लान
CJP Jantar Mantar Delhi Protest: NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर देश भर में जारी आक्रोश के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। CJP ने 20 जून 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर अपने दूसरे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से औपचारिक अनुमति मांगी है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार, 17 जून को बताया कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन की पूरी प्लानिंग और अपना पूरा दिन संसद मार्ग पुलिस थाने में बिताया। पार्टी ने प्रदर्शन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण पुलिस प्रशासन को सौंप दिए हैं।

'पुलिस पर पूरा भरोसा, शांतिपूर्ण होगा प्रदर्शन': सौरव दास
एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा- "हमने 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और दिल्ली पुलिस को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है। मैंने पुलिस की मांग के अनुसार पूरा प्लान, वॉलेंटियर्स की संख्या और हर दूसरी कानूनी औपचारिकता से जुड़े दस्तावेज सौंप दिए हैं।"
दास ने आगे कहा कि उन्होंने पुलिस को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। देश भर में हुए पार्टी के अन्य प्रदर्शनों की तरह यह प्रदर्शन भी पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली पुलिस इस मुद्दे की संवेदनशीलता और महत्व को समझेगी और उन्हें जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक जुटने के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं करेगी। उन्होंने अपने मैसेज का दिल्ली चलो के नारे के साथ किया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कार्यकर्ताओं से नोट करने की अपील की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है मुख्य मांग
CJP की मांग हाल ही में NEET-UG में सामने आई पेपर लीक मामलों और CBSE के 'ऑनलाइन ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) मुद्दों को लेकर सरकार को घेरना है। पार्टी प्रवक्ताओं के मुताबिक, 20 जून को होने वाले इस प्रदर्शन में देश के कई राज्यों से छात्र, युवा और नागरिक शामिल होंगे।
इस आंदोलन की एकमात्र और सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता व जवाबदेही तय करना है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं और छात्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में दिल्ली में और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।
देश के कई शहरों में आंदोलन, जयपुर में हुआ था हमला
यह दिल्ली में CJP का दूसरा बड़ा प्रदर्शन होगा। इससे पहले अमृतसर, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ सहित देश के कई बड़े शहरों में सफलतापूर्वक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर चुका है। जयपुर में प्रदर्शन के दौरान जब समर्थकों ने दिपके को अपने कंधों पर उठा रखा था, तभी भीड़ के एक हिस्से ने उनका स्कार्फ खींच लिया, उन्हें थप्पड़ मारे और नीचे गिराने की कोशिश की।
आंदोलन को मिल रहा है समर्थन, 20 जून का प्रदर्शन क्यों महत्वपूर्ण?
CJP का दावा है कि उनका आंदोलन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर फैल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। वहीं अभिनेता प्रकाश राज ने हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था। हालांकि दोनों का CJP से औपचारिक संबंध नहीं बताया गया है, लेकिन इन मुद्दों पर उनकी सक्रियता की चर्चा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन CJP के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। यदि बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं, तो संगठन राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है। वहीं अगर प्रदर्शन को व्यापक समर्थन मिलता है तो शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन सकते हैं।
अब नजर पुलिस के फैसले पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति देती है या नहीं। CJP का कहना है कि उसने सभी जरूरी नियमों का पालन किया है और उसे उम्मीद है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिल जाएगी। अब आने वाले दिनों में पुलिस के फैसले और 20 जून को होने वाले कार्यक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।














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