Sawan and Hanuman Puja: श्रावण में हनुमत आराधना से कष्ट होंगे दूर, संवर जाएगा जीवन
Sawan mai kare Hanuman ji ki Puja: शास्त्रों में हनुमानजी को साक्षात देव कहा गया है और सप्त चिरंजीवियों में से एक हैं। अर्थात् वे सशरीर आज भी पृथ्वी पर उपस्थित हैं।
इसलिए इन्हें साक्षात देव कहा गया है जो स्मृति मात्र से आपके समक्ष किसी भी रूप में उपस्थित होकर आपकी समस्याओं का समाधान करते हैं। श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का मास है और हनुमानजी भी शिव के ही अंश हैं।

इसलिए श्रावण मास में शिवजी के साथ हनुमानजी की आराधना, पूजन, दर्शन करने से अनेक कष्टों का निवारण किया जा सकता है। कहा भी गया है कि श्रावण में जो सच्चे मन से हनुमानजी से अपने संकटों का निवारण करने की प्रार्थना करता है उसका संकट शीघ्र ही दूर हो जाता है।
श्रावण मास में इसीलिए जगह-जगह मंदिरों और घरों में अखंड रामायण का पाठ किया जाता है। आइए जानते हैं श्रावण में हनुमत आराधना के लाभ-
- श्रावण मास में हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक प्रज्जवलित कर धूप बत्ती लगाकर उनकी पूजा कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। संकटों का निवारण होगा।
- प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। जिस कामना के पूरा होने की धारणा करके पाठ करेंगे वह पूरी होगी। पाठ पूरा होने के बाद पान के पत्ते पर कर्पूर रखकर आरती करें और देसी घी के हलवे का नैवेद्य लगाएं।
- रोग मुक्ति के लिए नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत वीरा का 108 बार जाप पानी पर करें और वह पानी रोगी को पिला दें तो उसका रोग शीघ्र ठीक होगा।
- संकट कटै मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा, इस चौपाई को 108 बार मन में कामना पूर्ति की धारण करके करें पढ़ें तो सारे संकट दूर होने लगेंगे।
- श्रावण के प्रत्येक मंगलवार को बजरंग बाण का पाठ करने से कठिन से कठिन रोग भी दूर हो जाता है।
- श्रावण के प्रत्येक शनिवार को हनुमान बाहुअष्टक का पाठ करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है।
- श्रावण में किसी भी दिन घर में विधि विधान से हनुमान यंत्र या महावीर यंत्र की स्थापना करना चाहिए। इससे परिवार शत्रु बाधा से मुक्त हो जाता है और घर में धन-धान्य की वर्षा होती है।












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