Saphala Ekadashi 2024: साल की पहली एकादशी सफला एकादशी आज, व्रत से काम होंगे सफल
Saphala Ekadashi 2024: पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी 7 जनवरी 2024 रविवार को आ रही है।

अंग्रेजी नववर्ष 2024 की यह पहली एकादशी है। जैसा कि नाम से ज्ञात होता है सफला एकादशी का व्रत करने से समस्त कार्य सफल होते हैं और जीवन की अनेक बाधाएं, कष्टों से मुक्ति मिलती है।
एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए
शास्त्रों का कथन है कि पांच हजार साल तप करने का जो फल प्राप्त होता है वह सफला एकादशी का व्रत करने से मिल जाता है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भगवान श्रीहरि विष्णु में श्रद्धा रखते हुए इस एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए।
दूसरे दिन व्रत का पारण करें
सफला एकादशी का व्रत रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन एक समय भोजन करना चाहिए। रात्रि भोजन का त्याग करते हुए रात्रि में अच्छे से दंत धावन करके भगवान विष्णु का नाम जप करते हुए सोएं और प्रात: सूर्योदय पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर अपनी दैनिक पूजा करके सफला एकादशी व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु का विभिन्न द्रव्यों और पूजन सामग्री से पूजन संपन्न करें।
रात्रि जागरण करें और दूसरे दिन व्रत का पारण करें
एकादशी व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। दिनभर न निराहार रहते हुए रात्रि जागरण करें और दूसरे दिन व्रत का पारण करें।
क्या विशेष
सफला एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने के निर्देश भी शास्त्रों में बताए गए हैं। जैसे इस एकादशी के दिन संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करके दान-दक्षिणा करें, पितरों के निमित्त तर्पण आदि करें। इस एकादशी के दिन घर में तुलसी का पौधा लगाने का विशेष महत्व बताया गया है।
दक्षिणावर्ती शंख का पूजन भी साथ में करें
इससे परिवार में सुख-समृद्धि और आपसी प्रेम बना रहता है। तुलसी का पौधा यदि पहले से है तो उसके समीप शुद्ध घी का दीपक अवश्य लगाएं। सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का पूजन भी करना चाहिए। इस दिन पूजा में दक्षिणावर्ती शंख का पूजन भी साथ में करें।
एकादशी कब से कब तक
- एकादशी प्रारंभ 7 जनवरी रात्रि 12:41 से
- एकादशी पूर्ण 8 जनवरी रात्रि 12:45
- व्रत का पारण 8 जनवरी प्रात: 7:09 से 9:18
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