Sankashti Chaturthi 2026 Moonrise Time: नोट करें अपने शहर में चंद्रोदय का समय
Sankashti Chaturthi 2026, Moonrise Time: हिंदू धर्म में वैशाख मास की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी या विकट चतुर्थी कहते हैं, आज का दिन बेहद पावन है, आज महिलाएं बच्चों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्ध्य देने के बाद पानी पीकर अपना उपवास तोड़ती हैं। 'संकष्टी' का अर्थ है संकटों का नाश करने वाली, इसलिए इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

संकष्टी चतुर्थी का पूजा मुहूर्त?
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि आज दोपहर 03:42 बजे से शुरू हुई थी और इसका समापन 6 अप्रैल को दोपहर 02:18 बजे होगा, चंद्रमा को अर्ध्य आज ही दिया जा सकता है इसलिए ये व्रत आज ही रखा गया है।
संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्ध्य कब देना है? चंद्रोदय का वक्त
चंद्रोदय (आज का चांद): रात 09:22 बजे अर्ध्य दिया जाएगा।
संकष्टी चतुर्थी पर आपके शहर में क्या है चंद्रोदय का टाइम?
चांद कितने बजे दिखाई देगा? (Sakat Chauth 2026 Moonrise Time)
| शहर | समय | |
|---|---|---|
| 1 | दिल्ली | रात 8:12 बजे |
| 2 | नोएडा | रात 8:12 बजे |
| 3 | गुरुग्राम | रात 8:14 बजे |
| 4 | जयपुर | रात 8:23 बजे |
| 5 | मुंबई | रात 8:55 बजे |
| 6 | ठाणे | रात 8:31 बजे |
| 7 | पुणे | रात 8:15 बजे |
| 8 | कोल्हापुर | रात 5:21 बजे |
| 9 | सतारा | रात 5:58 बजे |
| 10 | नासिक | रात 5:57 बजे |
| 11 | अहमदनगर | रात 8:25 बजे |
| 12 | धुले | रात 8:30 बजे |
| 13 | जलगांव | रात 8:39 बजे |
| 14 | वर्धा | रात 8:55 बजे |
| 15 | यवतमाल | रात 8:45 बजे |
| 16 | सांगली | रात 8:23 बजे |
| 17 | सोलापुर | रात 8:27 बजे |
| 18 | नागपुर | रात 8:54 बजे |
| 19 | अमरावती | रात 8:55 बजे |
| 20 | अकोला | रात 8:59 बजे |
| 21 | औरंगाबाद | रात 8:54 बजे |
| 22 | परभणी | रात 9:25 बजे |
| 23 | नांदेड़ | रात 8:24 बजे |
| 24 | उस्मानाबाद | रात 8:17 बजे |
| 25 | चंद्रपुर | रात 8:15 बजे |
| 26 | बुलढाणा | रात 8:21 बजे |
| 27 | जालना | रात 8:21 बजे |
| 28 | लातूर | रात 8:10 बजे |
| 29 | हिंगोली | रात 8:14 बजे |
| 30 | लखनऊ | शाम 8:05 बजे |
| 31 | देहरादून | रात 8:07 बजे |
| 32 | मथुरा | रात 8:16 बजे |
| 33 | बेंगलुरू | रात 8:29 बजे |
| 34 | पटना | शाम 7:51 बजे |
| 35 | प्रयागराज | रात 8:02 बजे |
| 36 | अमृतसर | रात 8:10 बजे |
| 37 | आगरा | रात 8:16 बजे |
| 38 | अलीगढ़ | रात 8:23 बजे |
| 39 | मेरठ | रात 8:05 बजे |
| 40 | गोरखपुर | शाम 8:47 बजे |
| 41 | सहारनपुर | रात 8:23 बजे |
| 42 | बरेली | शाम 8:59 बजे |
| 43 | रामपुर | रात 8:04 बजे |
| 44 | बैंगलोर (कर्नाटक) | रात 8:30 बजे |
| 45 | कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | रात 7:41 बजे |
| 46 | अगरतला (त्रिपुरा) | रात 8:16 बजे |
| 47 | शिलांग (मेघालय) | रात 8:20 बजे |
उपरोक्त समय केवल IST के अनुसार इंडिया में लागू होते हैं। अमेरिका, दुबई, पाकिस्तान, मलेशिया, इंडोनेशिया, आदि में चंद्रोदय का वक्त अलग होगा।
संकष्टी चतुर्थी 2026 पूजा विधि
सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें,घर के मंदिर या साफ स्थान पर भगवान गणेश की मूर्ति/चित्र स्थापित करें, इसके बाद गंगाजल से शुद्धि कर दीपक जलाएं और भगवान को दूर्वा (घास), लाल फूल, मोदक और लड्डू अर्पित करें, इसके बाद गणेश भगवान को सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं, संकष्टी व्रत कथा पढ़ें या सुनें, शाम को चंद्रमा के दर्शन करें और अर्घ्य दें। उसके बाद ही व्रत खोलें।
संकष्टी चतुर्थी 2026 पर क्या करें और क्या ना करें?
पूरे दिन व्रत और संयम रखें, भगवान गणेश का "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र जप करें,गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें तो वहीं झूठ बोलने, क्रोध और विवाद से बचें, तामसिक भोजन (मांस, शराब) से दूर रहे और चंद्र दर्शन से पहले व्रत न तोड़ें।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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