Sakat Chaturthi 2022: 'संकष्टी चतुर्थी' या 'गणेश चौथ' आज, जानिए शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
नई दिल्ली, 21 जनवरी। साल की पहली चतुर्थी आज है, जिसे कि 'संकष्टी चतुर्थी' या 'गणेश चौथ' के नाम से जाना जाता है। मूल रूप से आज का व्रत मांए अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। आज के दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं और विघ्नहर्ता गणेश भगवान की पूजा करती हैं और रात में चांद की पूजा करके उन्हें अर्ध्य दिया जाता है और उसके बाद महिलाएं पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं।

आपको बता दें कि यह सभी चतुर्थियों में सबसे शुभ मानी जाती है। इस पूजा को करने के बाद इंसान का हर कष्ट दूर हो जाता है। मांए विघ्नहर्ता से अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांगती हैं। मालूम हो कि इस व्रत को सर्वबाधा निवारण व्रत कहा गया है।
शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय
- चतुर्थी तिथि आरंभ: 21 जनवरी, शुक्रवार, प्रातः 08:51 मिनट से
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 22 जनवरी, शनिवार, प्रातः 09:14 बजे तक
- चंद्रोदय का समय: 21 जनवरी, रात्रि लगभग 9:00 बजे होगा।
पूजा विधि
- व्रत रखने वाली महिलाएं सबसे पहले नहा-धोकर, साफ कपड़े पहनकर गणेश जी की पूजा करें।
- गणपति बप्पा को मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
- उसके बाद चंद्रमा की पूजा करें और शाम को अर्ध्य दें।
- अगर बिना पानी के व्रत कर सकें तो निर्जला व्रत करें और नहीं तो ये व्रत फलाहार खाकर भी रखा जाता है।
इन मंत्रों से कीजिए बप्पा को प्रसन्न
- ऊं वक्रतुंडाय हुम्
- उच्छिष्ट गणपति का मंत्र- ऊं हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा
- विघ्नराज रूप की आराधना का मंत्र - गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:
- हेरम्ब गणपति का मंत्र जपें- 'ऊं गं नमः'
- ऊं श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा
- ऊं वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा












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