Dhanteras 2021: भगवान धन्वंतरि की आरती और पूजा का मंत्र
नई दिल्ली , 02 नवंबर। आज धनतेरस है, इस दिन कुबेर, मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन जो भी काम किए जाते हैं, उसमें 13 गुनी वृद्धि होती है। धन्वंतरि की पूजा करने से व्यक्ति निरोग रहता है, जबकि कुबेर और लक्ष्मी जी की कृपा से इंसान को सुख, शांति और समृद्दि की प्राप्ति होती है।
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आइए आपको बताते हैं भगवान धन्वंतरि की आरती
जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा।
जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।।
तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
देवासुर के संकट आकर दूर किए।।जय धन्वं.।।
आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।जय धन्वं.।।
भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।जय धन्वं.।।
तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।जय धन्वं.।।
हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।जय धन्वं.।।
धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।जय धन्वं.।।

ये हैं भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के मंत्र
- ॐ धन्वंतराये नमः॥
- आरोग्य प्राप्ति हेतु धन्वंतरि देव का पौराणिक मंत्र
- ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
- अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
- त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
- श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥












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